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Monday, 13 April 2020

संकट की घड़ी में डोर-स्टेप-डिलीवरी के लिए प्रशासन ने बनाए 10 पोर्टल;

संकट की घड़ी में डोर-स्टेप-डिलीवरी के लिए प्रशासन ने बनाए 10 पोर्टल; 

पीएम ने मांगा विवरण, 

अब इसे देश में लागू करने की तैयारी

कोरोनावायरस (कोविड-19) के प्रसार को रोकने लिए देशभर में भीलवाड़ा व आगरा मॉडल की सराहना हो रही है। इस बीच गोरखपुर में ज्वाइंट मैजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर गौरव सिंह सोगरवाल द्वारा बनाए गए 'ऑनलाइन डिलीवरी पोर्टल' की सराहना हो रही है।

 पीएमओ में निजी सचिव निखिल गजराज ने एसडीएम गौरव सिंह को फोन कर उनकी व पूरी टीम की तारीफ की है और इसे पूरे देश में लागू करने की बात कही है। आईएएस एसोसिएशन ने भी गौरव सिंह की पहल को सराहा है।

10 ऑनलाइन पोर्टल जारी किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन घोषित किया था। हालांकि, सीएम योगी आदित्यनाथ ने इससे पहले 23 मार्च से ही प्रदेश के 18 जिलों में लॉकडाउन किया था, जिसमें गोरखपुर भी शामिल था। इस दौरान सिर्फ राशन, दवा व अन्य जरूरी सामानों की दुकानें तय अवधि में खोलने की छूट दी गई।

लेकिन अन्य सामानों की आपूर्ति ठप होने से लोगों को संकट से जूझना पड़ा।इस समस्या से निजात दिलाने के लिए ज्वाइंट मैजिस्ट्रेट गौरव सिंह ने जरूरी सामानों की आपूर्ति की व्यवस्था को पटरी पर लाने का निर्णय लिया।

एसडीएम ने 10 ऑनलाइन पोर्टल चलाकर लोगों के घरों तक खाद्यान्न की डिलीवरी कराई। ऑनलाइन डिलीवरी पोर्टल शुरू होने से फुटकर व थोक व्यापारियों का व्यापार भी सुचारू ढंग से चलने लगा और प्रशासन को स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने का पर्याप्त समय मिल गया। इस समय प्रतिदिन 30 हजार से अधिक आर्डर आ रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में 1402 दुकानें सूचीबद्ध

ऑनलाइन डिलीवरी का काम शहरी क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में शुरु किया गया। इसके लिए जरूरी वस्तुओं से जुड़ी 1402 दुकानों की सूची, उनके मोबाइल नंबर को फेसबुक व ग्राम प्रधान के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंचाया गया।

दुकानदार मुनाफाखोरी या कालाबाजारी न कर सकें, इसके लिए लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई। लेखपाल ग्राहक बनकर दुकानों पर वस्तुओं की कीमत के बारें में जानकारी लेते थे। जिस दुकान का परफार्मेंस ठीक नहीं मिलता, उन्हें सूची से हटाकर उन पर कार्रवाई भी होती है।

एसडीएम ने कहा- पीएमओ को भेजा गया विवरण

एसडीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि पीएमओ से निजी सचिव निखिल गजराज का फोन आया था। उन्होंने कोरोना फीडबैक लेने के साथ ही ऑनलाइन डिलीवरी पोर्टल की सराहना की है। उन्होंने इसका विवरण मांगा था जिसे भेज दिया गया है।

संकट की घड़ी में डोर-स्टेप-डिलीवरी के लिए प्रशासन ने बनाए 10 पोर्टल;
प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में मुनाफाखोरी को रोकने के लिए लेखपालों की ड्यूटी लगाई है। ये लेखपाल अनाज वितरण भी अपनी निगरानी में कराते हैं।


source https://www.bhaskar.com

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