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Sunday, 22 March 2020

लखनऊ में कोरोना से बचने के लिए 10-10 के ग्रुप में बैठी है महिलाएं

लखनऊ में कोरोना से बचने के लिए 10-10 के ग्रुप में बैठी है महिलाएं 

 अलीगढ़-मुरादाबाद में नही किये जा रहे बचाव के उपाय

 देश और दुनिया में कोरोनावायरस का कहर जारी है। पूरे देश में लॉक डाउन जैसे हालात पैदा हो गए हैं। इस बीच पीएम मोदी ने रविवार को पूरे देश में जनता काफर्यू का आह्वन किया है ताकि इस महामारी से लड़ा जा सके। लेकिन सीएए के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर यूपी के 6 शहरों में भी प्रदर्शन हो रहे हैं।

महामारी से बचाव करने की बजाए लोग कई शहरों में धरने पर जमे हुए हैं। शाहीन बाग की तर्ज पर यूपी के 6 शहरों में सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में धरने में भले ही महिलाओं की संख्या कम है लेकिन उनके जज्बे में कोई कमी नही है। पेश है यूपी के 6 शहरों से रिपोर्ट।

लखनऊ केघंटाघर में आज भी चल रहा धरना


लखनऊ के घंटाघर में चल रहा प्रदर्शन
लखनऊ के घंटाघर में चल रहा प्रदर्शन

यहां बैठी महिलाओं ने अपने स्तर पर कोरोना वायरस से बचने के उपाय कर रही हैं। धरने में बुजुर्ग और बच्चों को घर मे रहने को ताकीद किया गया है। जबकि जो भी महिला या मीडिया वाले धरने में आ रहे हैं उनके लिए हाथ साफ करने के लिए सैनिटाइजर का इंतजाम किया गया हैं। वहीं सरकार की तरफ से एक जगह पर 50 लोगों के इकट्ठा होने की पाबंदी को देखते हुए महिलाओं ने दस दस के ग्रुप में दूर दूर बैठी हुई है।

धरने में बैठी ज्यादातर महिलाए मास्क का उपयोग कर रही है। हालांकि आम दिनों की तरह यहां महिलाओं की संख्या कम है। महिलाओं का कहना है कि हमारा धरना भी देश हित मे है। हम इससे कोई समझौता नही करेंगे। वहीं घंटाघर के बाहर सड़क एकदम सूनी है। कहीं कोई आवाजाही नहीं है। हसनगंज पुलिस चौकी पर आम नागरिकों को भी बाहर निकलने से रोका जा रहा है।

अलीगढ़ में कोरोना से ज्यादा धरने की चिंता दिखायी दी


अलीगढ़ में कोरोनवायरस से ज्यादा धरने की चिंता दिखी
अलीगढ़ में कोरोनवायरस से ज्यादा धरने की चिंता दिखी

अलीगढ़ में यूं तो जनता कर्फ्यू का असर साफ दिखाई दे रहा है लेकिन ईदगाह पर सीएए के खिलाफ चल रहे धरना में कोरोना वायरस का कोई डर नही दिख रहा है। महिलाएं जरूरी बचाव के कदम भी नही उठा रही है। शनिवार को पुलिस प्रशासन ने धरना खत्म करने की अपील की थी लेकिन प्रदर्शनकारियों ने नही माना। हालांकि तख्त लगाए गए हैं लेकिन जरूरी दूरी का ख्याल नही रखा जा रहा है।

मुरादाबाद में जरूरी बचाव भी नही लिया जा रहा


मुरादाबाद में भी सीएए के खिलाफ धरना जारी
मुरादाबाद में भी सीएए के खिलाफ धरना जारी

यहां ईदगाह में चल रहे धरने में जरूरी बचाव के उपाय नही किये जा रहे हैं। जहां जनता कर्फ्यू के दौरान पूरा शहर लॉक डाउन है तो वहीं ईदगाह पर आम दिनों की अपेक्षा ज्यादा भीड़ है जोकि सीएए, एनआरसी और एनपीआर का विरोध कर रहे हैं।

यहां धरने में आने से पहले न सेनेटाइजर का उपयोग किया जा रहा है न ही मास्क लगाया जा रहा है। साथ ही जरूरी दूरी से भी परहेज किया जा रहा है। महिलाओं का कहना है कि इस वायरस से ज्यादा खतरनाक ये काला कानून है जिसे हटाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार को ज्यादा चिंता है तो हम लोगों को सेनेटाइजर और मास्क उपलब्ध करवाए।

वहीं प्रशासन ने कल सबको समझा कर धरना कहा करने की अपील की थी लेकिन प्रदर्शनकारियों पर उसका कोई असर नही पड़ा।इस मामले पर एसएसपी मुरादाबाद अमित पाठक का कहना है कि इन सबको 21 तारीख को धरना खत्म करने का नोटिस दिया गया था। लेकिन इन सबने अपने साथ साथ जनता को भी खतरे में डाल दिया है। अब 12 लोग के खिलाफ नामजद और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

सहारनपुर मे धरना स्थल पर जमी हैं महिलाएं


सहारनपुर में धरने में शामिल महिलाएं
सहारनपुर में धरने में शामिल महिलाएं

सहारनपुर के देवबंद में भी महिलाओं का धरना जारी है। मुत्तहिदा ख्वातीन कमेटी का बैनर तले चल रहे धरने में महिलाओं की संख्या काफी कम है। लेकिन यहां कोरोना वायरस से बचने के उपाय के तौर पर जहां सेनेटाइजर का इस्तेमाल किया जा रहा है वहीं महिलाओं के बैठने के लिए तख्त का इंतजाम किया गया है। तख्त 1 मीटर से ज्यादा दूरी पर रखा गया है। हर तख्त पर एक महिला मौजूद है। हालांकि जो भीड़ पहले मौजूद रहती थी उस संख्या में बड़ी गिरावट आई है।

सीएए के विरोध में मोहम्मद अली पार्क में चल रहे धरने से महिलाओं ने दूरी


कानपुर में महिलाओं ने बनायी धरने से दूरी, फाइल फोटो
कानपुर में महिलाओं ने बनायी धरने से दूरी, फाइल फोटो

सीएए , एनआरसी और एनपीआर के विरोध में बड़ी संख्या में महिलाएं धरने पर बैठ रही थीं। कोरोनावारस की दहशत को देखते हुए महिलाओं का धरना समाप्त हो गया है। प्रधानमंत्री के अवाहन पर कानपुर में सभी जनता कर्फ्यू का हिस्सा बने हुए है।पूरा देश कोरोना को हराने में एकजुट नजर आ रहा है।

चमनंगज थाना क्षेत्र स्थित मोहम्मद अली पार्क ने बीते दो महीने तक धरना चला।दिल्ली के शाहिनबाग की तर्ज कानपुर के मोहम्मद अलीपार्क में हजारों महिलाएं सीएए के विरोध में धरने पर बैठी थी। पुलिस ने जबरन महिलाओं से पार्क खाली कराने का प्रयास किया तो हजारों महिलाएं सड़क पर तीन दिनों तक धरने पर बैठी रही।

 महिलाओं ने स्वच्छा से ही लगभग 12 दिन पहले धरने से दूरी बना ली । कुछ लोगो का मानना है कि कोरोना वायरस की वजह से महिलाओं ने धरने से दूरी बनाई है।एसपी वेस्ट अनिल कुमार के मुताबिक महिलाएं अब मोहम्मद अली पार्क में धरने के लिए नहीं आ रही है । महिलाओं ने खुद से ही धरना समाप्त किया है । अब धरना समाप्त हो गया है ।

मनसूर अली पार्क के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ने की कार्रवाई

वहीं दूसरी ओर प्रयागराज के मनसूर अली पार्क में नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ चल रहे धरना प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस ने आज सख्त कार्रवाई की है। यहां प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ महामारी डिजीज एक्ट की धारा 3 के तहत भी कई लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है।


जनता कर्फ्यू को लेकर जिले भर की फोर्स सड़कों पर उतार दी गई है। इस दौरान किसी तरह की सख्ती तो नहीं की जा रही है, लेकिन लोगों से अपील जरूर की जा रही है कि वह संक्रमण से बचने के लिए अपने घरों के भीतर रहें।
लखनऊ में कोरोना से बचने के लिए 10-10 के ग्रुप में बैठी है महिलाएं
लखनऊ में धरने पर बैठी महिलाएं


source https://www.bhaskar.com

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