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Wednesday, 22 April 2020

नैनी सेंट्रल जेल में एक दशक से बंद महिला बैरक में तब्लीगी जमातियों को रखा गया,

नैनी सेंट्रल जेल में एक दशक से बंद महिला बैरक में तब्लीगी जमातियों को रखा गया, 

खाने के अलग बर्तन दिए गए

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस के फैलते प्रभाव के बीच बुधवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद समेत गिरफ्तार तबलीगी जमात के 30 सदस्यों को मंगलवार देर रात नैनी केंद्रीय जेल भेज दिया गया।

इन गिरफ्तार लोगों में 16 विदेशी भी शामिल हैं। पुलिस ने सोमवार को इन सभी को गिरफ्तार किया था। इनमें इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर और 16 विदेशी जमाती शामिल हैं।

इन लोगों जेल में एक दशक से बंद महिला बैरक को साफ कर वहीं रखा गया है और खाने के लिए बर्तन उपलब्ध कराए गए हैं।

उन्होंने बताया कि जिला मजिस्ट्रेट द्वारा नैनी केंद्रीय जेल की एक पुरानी महिला बैरक को अस्थाई जेल घोषित किया गया है जिसमें इन लोगों को रखा गया है। इस बैरक में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुये प्रत्येक कैदी को एक-एक बर्थ दिया गया है। गिरफ्तार कर जेल भेजे गए आरोपियों में इंडोनेशिया के सात लोग, थाइलैंड के नौ लोग और केरल एवं पश्चिम बंगाल का एक-एक व्यक्ति शामिल है।

इंडोनेशियाई लोगों में एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित था जिसका इलाज कोटवा बनी में किया गया। पुलिस ने इस मामले में अब्दुल्ला मस्जिद और करेली के हेरा मस्जिद से जुड़े कई लोगों को भी गिरफ्तार किया था। थाइलैंड के नौ लोग करेली के हेरा मस्जिद में रुके थे।

पुलिस अधीक्षक (नगर) बृजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, "जमात के विदेशी सदस्यों में शामिल सात इंडोनेशियाई नागरिकों को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर शाहिद ने अब्दुल्ला मस्जिद में ठहराने की सिफारिश मुतवल्ली से की थी और इसकी जानकारी पुलिस को नहीं दी गई थी।"

उन्होंने बताया कि पुलिस ने सभी को विदेशी अधिनियम का उल्लंघन करने, षड़यंत्र में शामिल होने और मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। शिवकुटी पुलिस ने प्रोफेसर को गिरफ्तार कर थाने में रखा था, जबकि अन्य लोगों को अलगकेंद्र में रखा गया था।

उन्होंने बताया कि पुलिस को जांच में पता चला कि दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज के तब्लीगी जमात में विदेशी नागरिकों के साथ प्रोफेसर सहित कई अन्य लोग भी शामिल हुए थे। प्रोफेसर ने जमात में शामिल होने की बात भी पुलिस से छिपाई थी। पुलिस अधीक्षक (नगर) ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि ये सभी विदेशी टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे, लेकिन यहां धर्म प्रचार के कार्य में लगे थे।

बैरक में रखे गए 30 जमातियों के खाने के बर्तनदिए गए

करीब एक दशक से बंद पड़ी पुरानी महिला बैरक को मंगलवार को ही जेल प्रशासन ने झाड़ झंखाल साफ कराया। उसको रहने लायक बनाया गया। उसी में रखे गए सभी 30 जमातियों के लिए जेल प्रशासन ने अलग से उनके पास बर्तन रखवा दिए हैं।

जेल के अंदर बनने वाला खाना लेकर बंदीरक्षक और नंबरदार वहां जाएंगे और सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए उनके बर्तन में खाना डालकर चले आएंगे। वह अपना बर्तन और कपड़े खुद धुलेंगे। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बताया उनका बाकी कैदियों से कुछ लेना देना नहीं रहेगा। एकदम अलग-थलग रखे जाएंगे

नैनी सेंट्रल जेल में एक दशक से बंद महिला बैरक में तब्लीगी जमातियों को रखा गया,
तब्लीगी जमातियों को नैनी जेल की महिला बैरक में रखा गया है जो पिछले एक दशक से बंद था। उसे साफ करवाकर दोबारा खोला गया है और उसी में पकड़े गए 30 जमातियों को रखा गया है।


source https://www.bhaskar.com

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