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Saturday, 7 March 2020

आजम खान की मुश्किलें बढ़ीं; जौहर विश्वविद्यालय को टेकओवर कर सकती है योगी सरकार,

आजम खान की मुश्किलें बढ़ीं; जौहर विश्वविद्यालय को टेकओवर कर सकती है योगी सरकार, 

जिला प्रशासन ने शासन को भेजी रिपोर्ट

समाजवादी पार्टी के नेता और रामपुर से सांसद आजम खान के ड्रीम प्रॉजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी पर भी खतरा मंडराने लगा है। विश्वविद्यालयका संचालन भी उनसे छिन सकता है। जल्द हीसरकार एकप्रशासक नियुक्त कर सकती है।

फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट मामले में आजम अपनी पत्नी तंजीन और बेटे अब्दुल्ला के साथ अभी जेल में बंद हैं। वहीं जिला प्रशासन की तरफ से यूनिवर्सिटी को कब्जे में लेने की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। प्रशासन ने सरकार को यह भी जानकारी दी है कि यूनिवर्सिटी की गतिविधियों का संचालन कर रहेट्रस्ट के अहम सदस्योंके जेल चले जाने के बाद आगे उसकी देखरेख कौन करेगा, लिहाजा इसको देखते हुए सरकार कदम उठाए।



समाजवादी पार्टी की सरकार में कद्दावर मंत्री रहते आजम खान ने जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना की थी। इसके लिए देश-विदेश से चंदे के साथ सरकारी मदद भी मिली थी। यूनिवर्सिटी का संचालन एक ट्रस्ट करता है।

यूनिवर्सिटी के संस्थापक और कुलाधिपति खुद आजम खान हैं।वह ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं। उनके पूर्व विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम सीईओ के साथ ट्रस्ट के सदस्य हैं। आजम की पत्नी तंजीन फातिमा और रामपुर जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष सलीम कासिम भी ट्रस्ट के खास सदस्य हैं।

कुलाधिपति आजम खान अपनी पत्नी और बेटे साथ जेल में बंद हैं

कुलाधिपति आजम खान, सीईओ अब्दुल्ला आजम, सदस्य तंजीन फातिमा और सलीम कासिम चारों जेल में हैं। जौहर ट्रस्ट के अध्यक्ष आजम खान, सीईओ अब्दुल्ला आजम और पत्नी तंजीन फातिमा पर धोखाधड़ी और सलीम कासिम पर फर्जीवाड़े के आरोप हैं। बेटे के फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट मामले में आजम अपनी पत्नी और बेटे के साथ 26 फरवरी से जेल में हैं। सलीम कासिम हाल में अदालत में सरेंडर कर जेल गए हैं।


इसी के साथ जौहर ट्रस्ट पर आरोप है कि उसने अपने हर साल सरकार को भेजी जाने वाली रिपोर्ट नहीं भेजी है। यह सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है। नियमों के तहत ट्रस्ट को हर साल एक अप्रैल को जिला प्रशासन को प्रगति रिपोर्ट देनी चाहिए। इस लेटलतीफी पर जांच भी बैठ गई है। एसडीएम सदर रामपुर जांच अफसर हैं।

जिला प्रशासन ने शासन को भेजी है रिपोर्ट

जानकारी के मुताबिक, रामपुर प्रशासन की तरफ से एक रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। इसमें मौजूदा हालात का हवाला देते हुए कहा गया है कि सभी चाहते हैं कि यूनिवर्सिटी चलती रहे, इसलिए इसे सरकार टेकओवर कर ले। रिपोर्ट में दलील दी गई है कि प्रदेश सरकार का कानून है कि प्राइवेट यूनिवर्सिटी में अगर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितता पाई जाती है, तब प्रशासक नियुक्त किया जा सकता है।


जिला प्रशासन का यह भी तर्क भी है कि यूनिवर्सिटी में काफी जमीन सरकारी है। साथ ही जमीन लेने के दौरान स्टांप लगाने में भीअनियमितता बरती गई।अल्पसंख्यक यूनिवर्सिटी में गरीबों को मुफ्त में शिक्षा नहीं दी जा रही है। लाइब्रेरी से चोरी की किताबें बरामद की गईं। किसानों की जमीन कब्जे की शिकायतें सही पाई गईं हैं। काफी जमीन वक्फ के होने के सबूत मिले हैं।

आजम खान की मुश्किलें बढ़ीं; जौहर विश्वविद्यालय को टेकओवर कर सकती है योगी सरकार,
Yogi government may takeover of Azam's Jauhar University, district administration sent a report to the government


source https://www.bhaskar.com

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