ताजमहल के दीदार पर 'कोरोनावायरस' की 15 दिवसीय पाबंदी;
42 साल बाद सैलानियों के लिए बंद हुए दरवाजे
आगरा. कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के चलते ताजमहल में पर्यटकों की एंट्री ऐहतियातन बंद कर दी गई है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने ताजमहल के साथ सभी स्मारकों को बंद करने का फैसला लिया है।आगरा के मेयर नवीन जैन ने भी सभी स्मारकों को बंद करने की मांग उठाई थी। 42 साल बाद ताजमहल में पर्यटकों के प्रवेश पर पाबंदी लगाई गई है।
केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा- कोरोनावायरस को देखते हुए संस्कृति मंत्रालय ने एएसआई के सभी टिकट वाले स्मारक एवं अन्य सभी संग्रहालय आगामी 31 मार्च 2020 तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं। संबंधित अधिकारियों से तत्परता एवं सावधानी बरतने की अपेक्षा है।
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अब तीन बार बंद हुआ ताजमहल
इतिहासकारराजकिशोर राजे ने बताया कि, ताजमहल का निर्माण साल 1632 से 1648 के बीच हुआ था। अब तक तीन बार ताजमहल के दरवाजे बंद हुए हैं। पहली बार साल 1971 में भारत-पाकिस्तान के बीच जंग के दौरान ताजमहल 15 दिनों के लिए बंद किया गया था। उसके बाद 1978 में बाढ़ के दौरान सात दिन के लिए स्थानीय प्रशासन ने ताजमहल को बंद किया था। इसके बाद अब कोरोनावायरस के चलते ताज के दीदार पर 15 दिनों के लिए पाबंदी लगी है।आगरा मंडल के 266 स्मारक बंद हुए
एएसआई ने आगरा मंडल में 266 और आगरा शहर में ताजमहल के अलावा लालकिला, महताब बाग, सिकन्दरा अकबर तम्ब, मरियम टॉम्ब, एत्माउद्दौला आदि मुख्य आठ स्मारक बन्द कर दिए गए हैं। देर रात आदेश जारी होने के कारण पर्यटकों को ताजमहल के दीदार पर पाबंदी की जानकारी पर्यटकों को नहीं हो सकी। सुबह से ही तमाम पर्यटक ताजमहल पहुंचे, उनमें विदेशी पर्यटक भी शामिल थे। लेकिन ताला लगा देखकर भावुक हो गए। मायूस होकर पर्यटकों ने दशहरा घाट और ग्यारह सीढ़ी जैसी जगहों से ताजमहल देखकर अपनी इच्छा को पूरा किया।लगातार घटते गए सैलानी
बीते एक पखवारे से ताजमहल में सैलानियों की संख्या लगातार घटती जा रही थी। औसतन वीकएंड पर 28 से 30 हजार सैलानी ताजमहल का दीदार करने के लिए आते थे। लेकिन कोरोना वायरस के चलते ताज की टिकट विंडो से 13,186 टिकट ही जारी हुए। सोमवार को ताजमहल को सैनिटाइज भी किया गया।source https://www.bhaskar.com

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