उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद जिले के नवाबपुरा में बुधवार की दोपहर कोरोना संक्रमित की मौत के बाद उसके परिवार के चार सदस्यों को क्वारैंटाइन कराने के लिए पहुंची स्वास्थ्य टीम पर लोगों ने हमला कर दिया था।
गुरुवार को इस घटना का नया 45 सेकेंड का वीडियो सामने आया है। जिसमें पुलिसवाले एक पतली गली में फंसे थे। छतों से उन पर पत्थर बरसाए जा रहे थे। ऐसी दशा में पुलिस ने टूटे दरवाजे को सिर पर रखकर उसे ढाल बनाया और जान बचाकर पीछे हटना पड़ा था।
पुलिस ने इस मामले में 150 से अधिक लोगों पर केस दर्ज किया है। अब तक 17 को गिरफ्तार उन्हें जेल भेज दिया गया है।
खुद एसपी सिटी भी गली में फंसे थे
थाना नागफनी के मोहल्ला नवाबपुरा में हाजी नेक की मस्जिद इलाके में जिस गली में पथराव किया गया था। वहां आज सन्नाटा पसरा है। गली में बने एक दरवाजे पर ताला लगा था। जबकि, तीन दरवाजों में ताला नहीं था।
लेकिन सभी घर खाली थे। गली से ईंट पत्थर हटा दिए गए हैं, लेकिन नालियों में अभी भी तमाम पड़े थे। आसपास की गलियों में सन्नाटा है। जिस घर से पुलिसकर्मी निकल रहे थे, वहां लेडीज बुटीक का काम होता है।
पुलिस जब पथराव करने वालों की धरपकड़ करने के लिए गली में गयी तो सामने वाले मकान में अंदर से दरवाजा बंद करके दरवाजे से बाइक सटा दी गयी। जिससे दरवाजा नहीं खुल सका।
पुलिस किसी तरह घर के अंदर तो दाखिल हो गयी, लेकिन यहां से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। बराबर के तीन घरों की छत से बाहर निकलने वाले पुलिसकर्मियों के ऊपर महिलाओं ने पथराव कर दिया।
पुलिस को यहां से निकलने के लिए सर के ऊपर दरवाजे की आड़ बनाकर निकलना पड़ा था। इन पुलिसकर्मियों के साथ एसपी सिटी भी खुद अंदर फसे हुए थे।
आरोपियों पर चल रही कार्रवाई
एसपी सिटी अमित कुमार आनंद ने बताया एक पतली सी गली में पुलिस के ऊपर हो रहे पथराव के बाद वहां से निकलते समय पुलिसकर्मी सर पर किवाड़ रखकर अपने आप को बचाते हुए बाहर निकल रहे है। यह वीडियो मुरादाबाद का ही है।
पथराव करने वाले लोगों के घर चिन्हित करके उनको पकड़ने के लिए गई थी। पुलिस जिसके बाद घर में मौजूद महिलाओं ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया था। यहां हुई घटना एक सोची समझी साजिश थी।
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