लखनऊ में उपद्रवियों की होर्डिंग्स लगाने के मामले में हाईकोर्ट में आज छुट्टी के दिन सुनवाई;
डीएम और पुलिस कमिश्नर तलब
चीफ जस्टिस गोविंद माथुर ने मामले कोस्वत: संज्ञान लिया और रविवार को अवकाश के दिन सुनवाई करने का फैसला लिया है। चीफ जस्टिस ने लखनऊ के पुलिस कमिश्नर और डीएम को तलब किया है।
सुनवाई 10 बजे से होनी थी, लेकिन दोपहर 3 बजे तक के लिए टाल दी गई है। केंद्र सरकार की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल पक्ष रखेंगे। वहीं, पुलिस कमिश्नर की तरफ से डीसीपी नॉर्थ व डीएम की तरफ से एडीएम को भेजा गया है।
हाईकोर्ट ने इसे राइट टू प्राइवेसी का उल्लंघनमाना है
मामले मेंचीफ जस्टिस की बेंच नेलखनऊ के डीएम और पुलिस कमिश्नर से पूछा थाकि, वह हाईकोर्ट को बताएं कि कानून के किस प्रावधान के तहत लखनऊ में इस प्रकार के पोस्टर सड़क पर लगाएजा रहेहैं। कोर्ट ने आदेश में कहा है कि पोस्टर्स में इस बात का कहीं जिक्र नहीं है कि किस कानून के तहत पोस्टर्स लगाए गए हैं। हाईकोर्ट का मानना है कि पब्लिक प्लेस पर संबंधित व्यक्ति की अनुमति बिना उसका फोटो या पोस्टर लगाना गलत है। यह राइट टू प्राइवेसी का उल्लंघन है।57 आरोपियों से 88 लाख की रिकवरी का नोटिस
दरअसल, बीते साल 19 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद लखनऊ के 4 थाना क्षेत्रों में हिंसा फैल गई थी। इनमें ठाकुरगंज, हजरतगंज, केसरबाग और हसनगंज का नाम शामिल है। तोड़फोड़ करने वालों ने इलाके में निजी वाहनों में आग लगा दी थी। राज्य सरकार ने भरपाई उपद्रवियों से करवाए जाने की बात कही थी। इसके बाद पुलिस ने फोटो-वीडियो के आधार पर 150 से अधिक लोगों को नोटिस भेजे थे। इनमें जांच के बाद मिले सबूतों के आधार पर प्रशासन ने 57 लोगों को सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया था।तोड़फोड़ वालेइलाके में लगाए गए होर्डिंग्स
इसके बाद 5 मार्च की रात 57 आरोपियों की तस्वीरें, उनके नाम-पते के साथ प्रशासन ने सार्वजनिक कर दी। यह होर्डिंग उन इलाकों में लगवाए गए, जहां इन्होंने तोड़फोड़ की थी। डीएम अभिषेक प्रकाश ने कहा- अगर तय वक्त पर इन लोगों ने जुर्माना नहीं चुकाया तो कुर्की की जाएगी। प्रशासन ने हसनगंज, हजरतगंज, केसरबाग और ठाकुरगंज इलाके में 57 लोगों से 88,62,537 रुपए वसूले जाने की बात भी कही है।आरोपी बोले- हमारी हो सकती है मॉब लिंचिंग
आरोपियों में पूर्व आईपीएस एसआर दारापुरी, एक्टिविस्ट सदफजफर और दीपक कबीर की तस्वीरें भी होर्डिंग पर छपी हैं। दीपक का कहना है- सरकार भय का माहौल बना रही है। डर है कि होर्डिंग्स में शामिल लोगों की कहीं भी मॉबलिंचिंग की जा सकती है। दिल्ली की हिंसा के बाद कहीं भी सुरक्षित माहौल नहीं रह गया है। सरकार सबको खतरे में डालने का काम कर रही है।source https://www.bhaskar.com


No comments:
Post a Comment