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Monday, 9 March 2020

गंगा किनारे लगी जनता की अदालत;

गंगा किनारे लगी जनता की अदालत;

 निर्भया के चारो दरिंदों के पुतले को फांसी पर लटकाया जाय I

 निर्भया के चारो दरिंदों को 20 मार्च की सुबह फांसी पर लटकाया जाएगा। इस बीच महिला दिवस के मौके पर वाराणसी में रविवार को लोगों में खास आक्रोश नजर आया।

गंगा किनारे बूंदीपरकोटा घाट पर जनता की अदालती लगी। काशीवासियों ने बाबा विश्वनाथ को साक्षी मानकर लोगों ने चारों दरिंदों के पुतलों को सरेआम फांसी के फंदे पर लटकाया।

इससे पहले घाट वॉकरों व स्वयं सेवियों द्वारा लघु नाटक का मंचन किया गया, जिसमें चारों दोषियों को सामाजिक रुप से बहिष्कृत कर उन्हें सार्वजनिक तौर पर फांसी फंदे पर लटकाने की सजा दी गई थी।



गंगा किनारे बूंदीपर कोटाघाट पर कलाकारों द्वारा लघु नाटक का मंचन किया गया। जिसमें जज की भूमिका में अष्टभुजा मिश्र, निर्भया के वकील के रुप में गौरव कुमार सिंह, बचाव पक्ष के वकील एपी सिंह के रूप में बृजेश उपाध्याय और निर्भया की मां के रूप में नीलम मौर्या ने भूमिका निभाया।थोड़ी देर कोर्ट चलने के बाद जज ने कहा- काशी आज दोषियों को मानसिक रुप से फांसी देकर यह मांग करती है। अब अविलम्ब दोषियों को फांसी दी जाए।

प्रमुख घाट वॉकर कल्पनाकार प्रो. विजयनाथ मिश्र ने कहा कि 'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता' वाली भोलेनाथ की नगरी में दंड का तात्काल प्रावधान है। हम लोगों ने प्रतीकात्मक दरिंदों के पुतले को फांसी लटकाकर मानसिक शांति प्राप्त की है और देश की सभी बेटियों-माताओं और बहनों को सम्मान देने और उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया है।

गंगा किनारे लगी जनता की अदालत;
वाराणसी में चारों दोषियों को प्रतीकात्मक फांसी दी गई।


source https://www.bhaskar.com

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