शादी से चार दिन पहले मंगेतर ने होने वाली दुल्हन को खिलाया सल्फाश; फिर गला घोंट दिया,
चार सालों से था प्रेम संबंध
चार दिन पहले जिले के गुरुबक्शगंज इलाके में हुई युवती की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार, जिस शख्स से युवती की शादी होने वाली थी, उसी ने अपने मेमेरे भाई के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था।वह युवती की डिमांड से तंग आ चुका था। परिजनों ने दोनों की शादी रविवार यानी एक मार्च तय की थी। दोनों के बीच बीते चार सालों से प्रेम संबंध था।
अपने फूफा के घर रहती थी युवती
उन्नाव जिले की मौरावां थाना इलाके के भैयाखेड़ा गांव निवासी 20 वर्षीय सारिका देवी अपने फूफा राम कुमार यादव के घर रायबरेली के सुल्तानपुर खेड़ा गांव में रहती थी। 25 फरवरी को सारिका अपनी सहेली को कार्ड देने के लिए रायबरेली गई थी। लेकिन अगले दिन 26 फरवरी को उसका शव बड़ईपुरवा गांव के बाहर मिला। उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। फूफा राम कुमार ने इस बाबत थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।ऐसे मंगेतर आया गिरफ्त में
पुलिस ने तफ्तीश बढ़ाई तो पता चला कि, सारिका को आखिरी बार उसके मंगेतर मनोतोष यादव के साथ देखा गया था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। मनोतोष ने बताया कि, वह सारिका को खरीदारी कराने के लिए बाजार ले गया था। जहां से उसे रतापुर में एक खाली घर में ले गया। जहां उसने सारिका को सल्फाश की गोलियां खाने के लिए मजबूर किया और फिर गला दबाकर मार दिया। फिर अपने मेमेरे भाई रवींद्र की मदद से उसके शव को गांव के बाहर ले जाकर फेंक दिया। उसने बताया कि, सारिका स्कूटी की डिमांड कर रही थी ताकि वह अपनी नर्सिंग कॉलेज जा सके। मनोतोष को उसके चरित्र पर भी शक था।डॉक्टर बनाने का झांसा देकर प्रेम जाल में था फंसाया
पुलिस ने बताया कि, चार साल पहले मनोतोष ने सारिका को डॉक्टर बनाने का झांसा देकर अपने प्रेमजाल में फंसाया था। शुरुआती दौर में उसने ही रुपए भी खर्च किए। लेकिन बाद में किसी अन्य महिला से नजदीकी होने के कारण वह सारिका से दूरी बनाने लगा। लेकिन दोनों के बीच के संबंध सार्वजनिक हो गए तो दोनों परिवारीजनों के दबाव में शादी तय कर दी गई। एक तारीख को शादी होनी थीsource https://www.bhaskar.com

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