हाईकोर्ट ने सीबीआई को दिया निर्देश, प्रतापगढ़ में इंस्पेक्टर की हत्या मामले की विवेचना 6 सप्ताह में पूरी करें
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने वर्ष 2015 में प्रतापगढ़ में यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर अनिल कुमार की हत्या को लेकर सीबीआई को छह सप्ताह के भीतर विवेचना पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। मृतक इंस्पेक्टर की पत्नी आरती गुज्जर की ओर से दाखिल रिट याचिका पर सुनवायी करते हुए पारित किया।याचिका दायर कर मांग की गयी है कि सीबीआई को निर्देश दिया जाए कि वह हत्याकांड की जांच निश्चित समयसीमा के भीतर पूरी करे। घटना की सीबीआई जांच हाईकेार्ट के 23 मई 2018 के आदेश से हो रही है।
कोर्ट ने 2018 में ही मामले मेंसीबीआई जांच का आदेश दिया था
दरअसल इंस्पेक्टर अनिल प्रतापगढ़ के सिटी केातवाली के इंचार्ज थे। उनकी 19 नवंबर 2015 को हत्या कर दी गयी थी जिसकी प्राथमिकी उसी दिन सिटी कोतवाली पर दर्ज करायी गयी थी। पोस्टमार्टम में इंस्पेक्टर की मृत्यु का कारण मृत्यु पूर्व लगी चोटों को बताया गया था। बाद में राज्य सरकार ने जनवरी 2016 में घटना की सीबीआई जाचं कराने की सिफारिश की थी। किन्तु केंद्र सरकार ने इसको नकार दिया था।जिसके बाद मृतक इंस्पेक्टर की पत्नी आरती की सीबीआई जांच कराने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली । उनकी याचिका पर मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने 23 मई 2018 कोमामले की जाचं सीबीआई को सौंप दी थी।
कोर्ट में फिर से याचिका दायर कर सीबीआई पर आरेाप लगाया गया है कि केस की निष्पक्ष और तेज जाचं नहीं हो रही है। याची के वकील तर्क था कि मृतक की पत्नी का जो बयान उसने दिया है उसे भी दर्ज नहीं किया जा रहा है । याची ने अपनी याचिका में सीबीआई जैसी जांच एजेंसी केा कटघरे में खड़ा किया है।
source https://www.bhaskar.com

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