ट्रंप के आने पर 20 साल पहले लगा 'भुतहा शहर' का दाग मिटाएंगे 25 हजार 'जिंदादिल' छात्र व कलाकार
दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताजमहल का दीदार करने के लिए 20 साल अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन आगरा पहुंचे थे। तब सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी कर दी गई थी कि, खोरिया एयरपोर्ट से ताजमहल तक पूरे रूट पर सिर्फ सुरक्षाकर्मी थे। कोई भी आम नागरिक नहीं नजर नहीं आया था।
क्लिंटन ने ताज की खूबसूरती की प्रशंसा की थी, लेकिन सड़कों को जनशून्य कर बरती गई सुरक्षा सतर्कता पर पूछ लिया था कि क्या यह 'भुतहा शहर' है। यही वजह है कि, जिला प्रशासन 20 साल पुराने इस दाग को मिटाने की हर कोशिश कर रहा है। एयरपोर्ट से ताजमहल तक के रूट पर दोनों ओर भारत-अमेरिकी ध्वज लहराते हुए 25 हजार जोशीले छात्र-छात्राएं ट्रंप का स्वागत करते हुए दिखेंगे और प्रमुख चौराहों पर कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देते नजर आएंगे।
ट्रंप किस गाड़ी से जाएंगे ताज? यह संशय बरकरार
ट्रंप के भारत दौरे के कार्यक्रम में ताजमहल का दीदार शामिल है। अहमदाबाद में नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति सीधे आगरा आएंगे। शाम करीब साढ़े पांच ट्रंप ताजमहल देखेंगे। एयरपोर्ट से लेकर ताजमहल तक सीसीटीवी का जाल बिछाया गया है। यात्रा के दौरान पूरे इलाके को सील करने के साथ चुस्त सुरक्षा घेरा बनाया जाएगा। लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप अमर विलास होटल से किस गाड़ी से ताजमहल तक जाएंगे, इस पर संशय बरकरार है।ओबामा का रद्द हो गया ताज देखने का कार्यक्रम
दरअसल, ताज को वाहनों के प्रदूषण से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने विश्व धरोहर इमारत के 500 मीटर दायरे में वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा रखा है। इस पाबंदी के दायरे में वीवीआईपी वाहन भी आते हैं।पर्यटकों और वीआईपी को लाने के लिए गोल्फकार्ट और विशेष बैट्री चलित बस का ही इस्तेमाल हो सकता है। पूर्व में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत आगमन पर ताजमहल का दौरा भी प्रस्तावित हुआ था पर उनकी सुरक्षा टीम ने उनकी विशेष कार को ताजमहल तक न ले जाने देने की बात पर ही उनका दौरा रद्द करवाया था। जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर ज्यादा बताने से इंकार कर दिया।
source https://www.bhaskar.com

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