Featured Posts

Breaking

Thursday, 16 January 2020

चयनित 5 जमीनों को इकबाल अंसारी ने बताया अनुपयोगी

चयनित 5 जमीनों को इकबाल अंसारी ने बताया अनुपयोगी

बोले- विवाद खत्म हुआ तो मुस्लिमों का भी ख्याल रखें

चयनित 5 जमीनों को इकबाल अंसारी ने बताया अनुपयोगी

श्रीराम जन्मभूमि/बाबरी मस्जिद केस में पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने गुरुवार को कहा कि, जल्द ही राम मंदिर निर्माण शुरू होने वाला है। अब मस्जिद के लिए भी जमीन सरकार को मुहैय्या करा देना चाहिए।

लेकिन जमीन उपयोगी स्थान पर मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा- योगी सरकार ने अभी जिन जमीनों को मस्जिद के लिए चिन्हित किया है, वे उपयुक्त नहीं है। इकबाल अंसारी ने अपने घर के सामने खाली पड़ी जमीन को मस्जिद के लिए चयन करने का प्रस्ताव दिया है।

बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी बोले- मैं रखूंगा राम मंदिर की पहली ईंट, संतों ने किया सम्मानित


अंसारी बोले- अब लोग पूछ रहे मस्जिद की जमीन कहां?

इकबाल अंसारी ने कहा- वे चाहते हैं कि पांच एकड़ जमीन में मस्जिद के साथ स्कूल कालेज अस्पताल व सर्वधर्म स्थल बने, जिससे आगे कोई विवाद न खड़ा हो। कहा- हम कोई विशाल व भव्य मस्जिद नहीं बनाना चाहते। मस्जिद उतनी बड़ी बने जो नमाजियों के उपयुक्त हो।


अंसारी ने कहा- मंदिर का निर्माण शुरू होने वाला है, अब मस्जिद की जमीन को भी चिह्नित कर देना चाहिए। हम केवल यही चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद के जमीन को लेकर आदेश दिया है, उसका सही तरीके से पालन होना चाहिए। यह जमीन उपयोगी स्थान पर चिन्हित होनी चाहिए।

कहा- हिंदुस्तान से एक विवाद खत्म हुआ तो मुस्लिमों का भी ख्याल रखा जाए। तमाम लोग अब पूछ रहे कि मस्जिद की जमीन कहां है? सरकार मंदिर और मस्जिद के निर्माण में सहयोग करे। वैसे मुझसे किसी सरकारी अधिकारी ने कोई संपर्क नही किया।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था-5 एकड़ भूमि मस्जिद के दी जाए

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर योगी सरकार ने मुस्लिम पक्षकारों को मिलने वाली अयोध्या में पांच एकड़ जमीन के लिए पांच जगहें चिन्हित की है। उसमें मलिकपुरा, डाभासेमर मसौधा, मिर्जापुर, शमशुद्दीनपुर और चांदपुर में गांव स्थित जमीनें हैं।

यह सभी जमीनें अयोध्या से निकलने वाले और अलग-अलग शहरों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर हैं। पांचों स्थान साधु-संतों की इच्छानुसार पंचकोसी परिक्रमा के दायरे से बाहर हैं, ताकि भविष्य में कोई विवाद न उपजे। हालांकि, मुस्लिम पक्षकार को कौन सी जमीन दी जाएगी, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को अयोध्या केस के फैसले में प्रदेश सरकार को मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन दिए जाने के आदेश दिए थे। कहा था कि यह जमीन अयोध्या के किसी प्रमुख स्थान पर होना चाहिए।
बाबरी मस्जिद के मुद्दई रहे इकबाल अंसारी ने कहा- मंदिर मस्जिद निर्माण में सहयोग करे सरकार।


source https://www.bhaskar.com

No comments:

Post a Comment

आप  https://www.muchtoknow.in   पर जाकर सभी समाचार देख तथा पढ़ सकते हैं I