घर रहकर करनी होगी इबादत, मस्जिदों में रहने वाले ही पढ़ेंगे तरावीह की नमाज,
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने की अपील
उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता जा रहा है। इस हालत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा था कि, आगामी दिनों में पड़ने वाले बैशाखी, रमजान जैसे पर्व पर सामूहिक आयोजन नहीं होंगे।सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए लोगों को घरों में ही पर्व मनाना होगा। रमजान का मुबारक महीना 24 अप्रैल से शुरू होने की उम्मीद है।
ऐसे में मुस्लिमों को तरावीह की विशेष नमाज को समूह में अदा करना मुश्किल होगा। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन व लखनऊ के शहर काजी मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने रमजान को लेकर एडवायजरी जारी की है।
मस्जिदों में नहीं जाएंगे लोग
मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा- 24 अप्रैल को चांद देखा जाएगा। उसी दिन से तरावीह की नमाज शुरू होगी। 25 अप्रैल को होगा पहला रोजा होगा। पहली बार ऐसा हो रहा है कि रमजान का महीना ऐसे हालात में आ रहा है।पूरा मुल्क रमजान में लॉकडाउन होगा और लोग मस्जिद में आजादी से नमाज पढ़ने नही जा सकेंगे।मौलाना ने कहा कि,हर मुसलमान रोजा जरूर रखे, जो लोग मस्जिद में रहते हैं, सिर्फ वही मस्जिद में रहें। 4-5 लोग से ज़्यादा लोग मस्जिद में नही रहेंगे।
अफ्तारी का पैसा गरीबों को दिया जाए
अफ्तारी को गरीबों में बांटा जाए। अफ्तार पार्टी का पैसा भी गरीबों को दिया जाए।बाकी लोग अपने अपने घरों में तराबी पढें।जिसको जितना कुरान याद है, उतना ही रोज पढें।अफ्तार के वक्त सभी लोग दुआ करें कि हमारे मुल्क और पूरी दुनिया से अल्लाह इस कोरोना का खात्मा कर दे।source https://www.bhaskar.com

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