मऊ में बेवजह टहलने वालों को पुलिस ने दीवाल से चिपकाया;
जौनपुर में गांव वालों ने बनाई अपनी लक्ष्मणरेखा
कोरोनावायरस... ये बीमारी कितना गंभीर है? इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देशवासियों से 21 दिनों तक घर के बाहर न निकलने के लिए अपील करनी पड़ी।उत्तर प्रदेश में इसे आपदाघोषित कर दिया है। लेकिन, कुछ लोग हैं जो मानने को तैयार नहीं हैं। सरकार बार-बार कह रही है- किसी भी चीज की कमी नहीं होगी। 10 हजार गाड़ियों से राशन-दूध घर-घर तक पहुंचाएंगे।
उत्तर प्रदेश में अब तक संक्रमण के 38 टेस्ट पॉजिटिव आए हैं। कोरोना बीमारी इतनी तेजी से बढ़ रही है कि, बीते 24 घंटे के भीतर 5 नए केस आए। हालांकि, 11 लोग इलाज के बीच ठीक भी हो चुके हैं। लॉकडाउन के बीच बुधवार को नवरात्र के पहले दिन लोग मास्क लगाकर सब्जी, दूध व फल खरीदने के लिए दुकानों पर पहुंचे।
लोगों को पुलिस ने समझाबुझाकर घर भेजा है। हालांकि, तमाम ऐसे लोग भी हैं, जो घर के बाहर लक्ष्मण रेखा खींच चुके हैं। वे घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं।
तस्वीरों में देखिए प्रदेश का हाल...
लखनऊ:जनता कर्फ्यू वाले दिन से ही लॉक डाउन है नवाबों का शहर
राजधानी बीते 22 मार्च से लॉकडाउन है। यहां जगह-जगह बैरिकेड लगाकर आने जाने वालों की चेकिंग हो रही है। हालांकि, ज्यादातर लोग अपने घरों में हैं। सुबह लोगों को दूध, राशन व दवाएं खरीदी। उसके बाद लोग घरों में चले गए। पुलिसकर्मी ऐहतियात बरतते हुए लॉकडाउन का पालन करा रहे हैं।
गाजियाबाद:
दिल्ली बॉर्डर सील
दिल्ली से सटे गाजियाबाद में लॉकडाउन का असर देखने को मिल रहा है। यहां सड़कों पर सन्नाटा है। इक्का-दुक्का लोग सड़क पर नजर आ रहे हैं। दिल्ली बॉर्डर को सील कर दिया गया है। ऐसे में लोग पैदल ही अपने घरों की तरफ जा रहे हैं। गाजियाबाद में कोरोना के अब तक तीन मामले सामने आए हैं। यहां के दो मरीज इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं। एक का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
जौनपुर:
काजीपुर गांव ने खुद को किया लॉक डाउन
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में कोरोना से एक व्यक्ति संक्रमित मिला था। जिले में लॉकडाउन का असर देखने को मिल रहा है। यहांग्राम सभा काजीपुर के ग्रामीणों ने कोरोना वायरस से लड़ने खुद बीड़ा उठाया है। गांव वालों ने गांव के बाहर एक बैनर टांगा है। जिसमें लिखा है कि, काजीपुर लॉकडाउन है। हम कोरोना से मिलकर लड़ेंगे। प्रशासन का सहयोग करें। गांव से न कोई जा रहा है, न किसी को आने दिया जा रहा है।
आगरा:
बेवजह निकलने वालों पर चला पुलिस का डंडा
सड़कों पर बेवजह निकलने वालों से आगरा में पुलिस सख्ती से निपट रही है। दूसरों के लिए खतरा बने लोगों को पुलिस ने पहले समझाया, जब नहीं माने तो पुलिस ने डंडा चलाकर कड़ा सबक दिया। इसके बाद पुलिस की मेहनत रंग लाई और लोग अपने घरों में जाकर कैद हो गए।
मऊ:
बाहर घूमने वालों को मकड़ी की तरह दीवाल से चिपकाकर खड़ा कर दिया
मऊ में सुबह राशन, दूध व दवा की दुकानें तो भारी भीड़ देखी गई। लेकिन, इस दौरान तमाम ऐसे भी मिले जो बेवजह टहल रहे थे। उनके घर से बाहर निकलने की सटीक बहाना भी नहीं था। ऐसे में पुलिस ने उन्हें दीवार से चिपकाकरहाथ खड़ा कर खड़े रहने की सजा दी। लोगों को काफी समय तक ऐसे स्पाइडरमैन बनाने केबाद उन्हेंसमझाकर घर भेज दिया।
वाराणसी:
नवरात्र में पहली बार बंद हैं मां शैलपुत्री मंदिर के कपाट
मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की उपासना का पर्व चैत्र नवरात्रआज से शुरू हो गया। लेकिन, कोरोनावायरस महामारी के चलते सदियों में ऐसा पहली बार हो रहा है किजब भक्त औरभगवान के बीच दूर रहने की पाबंदी लगी हो। बुधवार को काशी में अलईपुरा स्थित मां शैलपुत्री के मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहे। सुबह पुजारी ने मां की श्रृंगार आरती की और उन्हें भोग लगाया। इक्का-दुक्का लोग अराधना के लिए पहुंचे थे, लेकिन उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।
गोरखपुर:
नेपाल बॉर्डर सील, खरीदारी में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया गया
गोरखपुरजिला नेपाल बॉर्डर से सटा है। बॉर्डर को सील कर दिया गया है। यहां लॉकडाउन का आज तीसरा दिन है। बुधवार सुबह बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। लेकिन,दवा दुकानों पर भीड़ देखी गई। लोगों ने दवाएं खरीदी और घरों की तरफ चले गए। लोगों ने चेहरे पर मास्क लगा रखा था। लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग केनियम का पालन नहीं किया गया।
मिर्जापुर:
मां विंध्यवासिनी के कपाट भी बंद
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, दिल्ली, गुजरात एवं राजस्थान में बसे अधिकांश परिवार नवरात्रके मध्य अपनी कुलदेवी के विंध्याचल धाम में दर्शन पूजन करने आते हैं। लेकिन, कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों को चलते मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं। मंदिर जाने वाली गलियों को सौ मीटर पहले ही बैरिकेटिंग करके आवाजाही पर रोक लगा दिया गया है। बुधवार को नवरात्रके पहले दिन सिर्फ पुजारी ने मां की आरती उतारी।
source https://www.bhaskar.com

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