अपनों ने ठुकराया तो मुस्लिम युवकों ने अर्थी को दिया कंधा;
हिंदू रीति रिवाज किया अंतिम संस्कार
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में लॉकडाउन के बीच गंगा-जमुनी तहजीब की एक शानदार तस्वीर सामने आई है।यहां मुस्लिम युवकों ने एक बुजुर्ग का हिंदू रीतिरिवाज से अंतिम संस्कार किया। दरअसल, बुजुर्ग की मौत के बाद उसके अपनों ने ही अंतिम संस्कार और और कंधा देने से मना कर दिया था।
इसकी जानकारी पड़ोस में रहने वाले मुस्लिम युवकों को हुई तो उन लोगों ने कुछ हिंदुओं के साथ मिलकर अर्थी को सजाया और राम नाम सत्य बोलते हुए कंधा दिया। बुजुर्ग का बुढ़िया घाट पर वैदिक मंत्रोचारण के बीच दफन कर अंतिम संस्कार किया गया।
छावनी के नरौना रोड स्थित बंगला नंबर 72 के पास एक 70 वर्षीय बुजुर्ग झोपड़ी बनाकर रहता था। बुजुर्ग रिक्शा चलाकर दो वक्त की रोटी कमाता था। गुरूवार की दोपहर बुजुर्ग की मौत गई थी। बुजुर्ग की पत्नी और बेटे की मौत हो चुकी थी। बड़ी बेटी की
शादी सीतापुर में हुई है, उसे जब पिता की मौत की जानकारी दी गई तो उसने लॉकडाउन में नहीं आ पाने की बात कह कर फोन डिस्कनेक्ट कर दिया। वहीं बुजुर्ग के पोते को बाबा की मौत की खबर दी गई तो उसने अंतिम संस्कार में शामिल होने से इंकार कर दिया।
इसकी जानकारी जब स्थानीय लोगों को हुई तो मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अंतिम संस्कार करने का फैसला किया। इस फैसले पर कुछ हिंदू समाज के लोग भी शामिल हो गए। दरसल बुजुर्ग की तीन दिन पहले तबियत खराब हुई थी तो स्थानीय लोगों ने उन्हे उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया था। लेकिन वो बुधवार को अस्पताल से भाग कर घर आ गए थे। इसके बाद गुरूवार को उनकी मौत हो गई।

मुस्लिम समुदाय के लोग सर्वधर्म समभाव की मिसाल पेश करते हुए राम नाम सत्य बोलते हुए अर्थी को कंधे पर लेकर बुढ़िया घाट तक पैदल पहुंचाया। जहां पुरोहित को बुलाकर अंतिम संस्कार की रस्म अदा कराई। बुढिया घाट पर बने कब्रिस्तान में दफना दिया गया।
source https://www.bhaskar.com

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