तंत्र साधना के लिए रूस के दंपती ने बेटे के साथ गंगा के तट पर डेरा जमाया था,
पुलिस ने क्वारैंटाइन कराया
मोक्ष की प्राप्ति के लिए देश-विदेश से लोग महादेव की नगरी काशी आते हैं। जिनकी अपनी-अपनी इच्छाएं होती हैं। लेकिन, कोरोनावायरस औरलॉकडाउन के बीच रशियन दंपती अपने 10 साल के बेटे के साथ गंगा किनारे झोपड़ी बनाकर तंत्र साधना में लीन था।जब इसकी भनक पुलिस को लगी तो तीनों को रामनगर स्थित एक स्कूल में क्वारैंटाइन कर दिया गया है। दंपती ने कहा- उन्हें यहां कोई दिक्कत नहीं है। वे क्वारैंटाइन में अपनी तंत्र साधना पूर्ण करेंगे।
रूस के रहने वाली जोया अपने पति औरदस साल के बच्चे के साथ कई माह से बनारस के डोमरी में हैं। पर्यटकों ने बताया किवे काशी महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर अघोर और तंत्र साधना के लिए आए थे। वे महाकाल को अपना पिता मानते हैं। उनका मानना है कि हमें यहां कोई दिक्कत नही है, हम तंत्र साधना पूर्ण करना चाहते हैं। हम बहुत खुश हैं, बस हम अपनी साधना पूर्ण करना चाहते हैं।
रामनगर एसओ विनोद मिश्रा ने बताया कि तीनों को शेल्टर होम में रुकवाया गया है। इनके साथ एक और विदेशी भी है। इनको बाहर जाकर किसी भी तरह की एक्टिविटी की छूट नहीं दी गयी है। खाना इनको पुलिस मुहैया करा रही है।
बताया जा रहा है कि काफी दिनों से ये लोग गंगा पार रेत पर झोपड़ी में रह रहे थे। इनको तंत्र साधना और अघोर काफी पसंद है। महिला साड़ी पहनती है और और टीका भी लगाती है। 10 साल का बच्चा भी इनके साथ रहता है।
source https://www.bhaskar.com

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