गोद में बच्ची लेकर कोरोना से जंग में उतरी सिपाही;
बोली- सीएम अपने पिता के दाह संस्कार में नहीं गए,
हम घर कैसे बैठ जाएं
कोरोनावायरस की त्रासदी से भले ही पूरी दुनिया परेशान है, लेकिन इस महामारी ने न सिर्फ हमारी आदतों में बदलाव किया है, बल्कि पुलिस के प्रति जो आमजन के मन मस्तिष्क पर निगेटिव इमेज थी, वह भी बदली है।ऐसे में बाराबंकी से एक तस्वीर सामने आई है, जो पुलिसकर्मियों का सम्मान और बढ़ाती है। यहां एक महिला सिपाही अपनी नन्ही बच्ची को गोद में लेकर ड्यूटी करती है।
सिपाही ने कहा- जब हमारे मुख्यमंत्री अपने पिता के अंतिम संस्कार में सिर्फ इसलिए नहीं जाते कि, उन्हें अपनी जिम्मेदारियां बड़ी लगती हैं तो हम उनके सिपाही हैं, हम अपनी बच्ची की देखरेख का बहाना बनाकर घर नहीं बैठ सकते हैं।
बच्ची को लेकर ड्यूटी कर रही महिला पुलिसकर्मी प्रीती तिवारी ने बताया कि उनकी महिला थाने पर तैनाती है। परिवार से दूर रहने के कारण बच्ची की देखरेख करने वाला कोई नहीं है। उनकी ड्यूटी इन दिनों जिला मुख्यालय पर है।
वे घरों से बाहर निकलने वालों को लॉकडाउन का पालन करने की सीख देती हैं। साथ ही लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखने की बात बताती हैं। विषम परिस्थिति में ड्यूटी करने को लेकर पुलिस अफसरों ने भी प्रीती की सराहना की है।
प्रीती से पूछा गया कि, आप तो बच्ची की देखभाल के लिए छुट्टी लेकर घर बैठ सकती हैं तो उन्होंने कहा- जब हमारे मुख्यमंत्री अपने पिता के अन्तिम संस्कार में अपना फर्ज निभाने की वजह से शामिल नहीं होते है तो हम तो छोटे से पुलिसकर्मी हैं और हमारी जिम्मेदारी उनके मुकाबले काफी कम है।
ऐसे में हम अपना फर्ज निभाने के लिए अपनी बच्ची का बहाना कैसे करें। इसी बात से प्रेरणा लेकर वह अपनी छोटी बच्ची को साथ में लेकर अपना कर्तव्य निभा रही हैं।
source https://www.bhaskar.com

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