कुष्ठ रोगियों ने भिक्षाटन कर राहत कोष में जमा किए 31 सौ रुपए,
पीएम को लिखी चिट्ठी में कहा- हमारी तुच्छ भेंट स्वीकार करें
देश पर कोरोना का संकट है। कोई लॉकडाउन का पालन कर कोरोना को मात दे रहा है तो कोई अपनी जमा पूंजी से कुछ अंश दान कर देशसेवा में सहभागी बन रहा है।इस बीच वाराणसी से एक सुखन खबर आई है। यहां संकट मोचन मंदिर स्थित प्राचीन मंदिर विश्वनाथ आश्रम में रहने कुष्ठ रोगियों ने 31 सौ रुपए प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा किए हैं। साथ ही अपने क्षेत्र के सांसद व देश के पीएम को ममस्पर्शी पत्र लिखा है।
जिसमें कहा- हमारी ओर से ये तुच्छ भेंट है। कृपया इसे स्वीकार करें। जब राष्ट्र पर संकट आया तो सभी ने योगदान किया तो हम भिक्षुक वर्ग भी पीछे नहीं रहेंगे।
संकट मोचन मंदिर स्थित प्राचीन मन्दिर विश्वनाथ कुष्ठ आश्रम है। मान्यता है कि, प्रभु हनुमानजी ने स्वयं कुष्ठ रोगी के रूप में तुलसीदास जी को यहीं दर्शन दिए थे। इस आश्रम में करीब 35 परिवारों के 50 लोग रहते हैं, जो भिक्षाटन कर अपना जीवन जीते हैं। इन सभी को कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोविड केयर फंड में दान देने की बात पता चली थी। सभी ने निश्चय किया कि, हम भी राष्ट्र के कार्य में अपना योगदान करेंगे।
कुष्ठ रोगियों ने केंद्रीय सलाहकार बोर्ड के सदस्य डॉ. उत्तम ओझा से संपर्क साधा। कुष्ठ रोगियों ने 3100 रूपए प्रधानमंत्री केयर फंड में स्टेट बैंक इंडिया ऑफ इंडिया के माध्यम से आज भेज दिया। प्रधानमंत्री को एक मर्मस्पर्शी पत्र भी लिखा है। जिसमें कहा कि हमारी ओर से तुच्छ भेंट है। कृपया इसे स्वीकार करें।
क्योंकि हम आपके विचारों से प्रभावित होकर यह धन आपको प्रदान कर रहे हैं। जब भी राष्ट्र पर संकट आया है। सभी ने अपना योगदान किया है तो हम भिक्षुक वर्ग भी पीछे नहीं रहेंगे।
source https://www.bhaskar.com

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