फर्जी दस्तावेजों के सहारे फाइनेंस कराए 191 वाहन बरामद,
तीन गिरफ्तार,
सरगना अभी फरार
लॉकडाउन के बीच उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों पर वाहन फाइनेंस कराकर उसे लोगों को सस्ते दाम पर बेचने व फाइनेंस कंपनी को चपत लगाने वाले गैंग का खुलासा किया है।
पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा है। पुलिस ने 191 दोपहिया व चारपहिया वाहनों को बरामद किया है। हालांकि, गिरोह का सरगना अभी पुलिस से दूर है। इस गिरोह में बैंक और उनके सर्वेयर की भी मिलीभगत सामने आ रही है।
पुलिस के राडार पर अब सर्वेयर या इससे जुड़े लोग भी आ गए हैं। इस बरामदगी को प्रदेश की अबतक की सबसे बड़ी बरामदगी मानी जा रही है।
पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अरविन्द चतुर्वेदी ने बताया कि इस गिरोह का भंडाफोड़ शुरुआत में थाना मोहम्मदपुर खाला के इन्स्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा ने छह अप्रैल को 77 गाड़ियां बरामद कर किया था।
इसके बाद जनपद के अन्य थानों को भी एलर्ट किया गया। जिसके परिणाम स्वरूप एक बार फिर थाना मोहम्मदपुर खाला और थाना जैदपुर पुलिस ने 191 दो पहिया और 9 लग्जरी चार पहिया वाहनों को बरामद कर अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी को अन्जाम दिया है। इन गाड़ियों की कीमत लगभग ढाई करोड़ रुपए से ज्यादा है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि, ये गिरोह गाड़ियों को फाइनेन्स करवाने का काम करता था और अगर एक ग्राहक इनके पास आता था तो उसी के कागजात पर कई गाड़ियों का फाइनेन्स हो जाया करता था
और फायनेंस हुई इस गाड़ियों को बाराबंकी ही नहीं बल्कि अन्य जनपदों में भी लोगों को फंसा कर कम कीमत में बेंच दी जाती थी। खरीदने वाले को यह बताया जाता था कि इन गाड़ियों पर फाइनेन्स है
और एक साल की ईएमआई अदा करने के बाद यह ट्रांसफर हो जाएगी। इस गिरोह के झांसे में आकर लोग गाड़ियां ले लेते थे।
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