लॉकडाउन के बीच प्रदेश में थम चुकी इकॉनमी रफ्तार को गति देने के लिए योगी सरकार ने 20 अप्रैल से आवश्यक सेवाओं के साथ 11 तरह के उद्योगों को संचालित कराने की सशर्त अनुमति दी है। उद्योग संस्थानों का सैनिटाइजेशन करना होगा।
महज 50 फीसदी कर्मचारी ही काम करेंगे। उन्हें मास्क लगाना होगा, साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करना होगा। इस बाबत मुख्य सचिव आरके तिवारी ने प्रदेश के सभी डीएम को पत्र लिखा है।
इन 11 उद्योगों का होगा संचालन
योगी सरकार ने स्टील, रिफाइनरी, सीमेंट, रसायन, उर्वरक उद्योगों को चलाने की अनुमतिदी। इसके अलावा वस्त्र उद्योग (परिधान को छोड़कर), फाउंड्रीज, पेपर, टायर, चीनी मिलों को चलाने की अनुमति मिली है। कॉमन एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट को भी संचालित किया जा सकेगा।
50 प्रतिशत श्रमिकों के साथ किया जाए संचालन
सरकार ने स्पष्ट किया है कि, अभी प्रथम चरण की सहूलियत में सिर्फ 50 फीसदी कर्मी ही उद्योग संस्थानों में आएंगे। केवल इकाइयों को चलाने की अनुमति प्रतिबंधों के साथ दी गई है। प्रधान, प्रशासनिक कार्यालयों को खोलने की अनुमति नहीं होगी।
हॉटस्पॉट क्षेत्रों में नहीं लागू होगा आदेश
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि, हॉटस्पॉट क्षेत्रों में इकाइयां चलाने की अनुमति लागू नहीं होगी। औद्योगिक परिसर स्थल का गाइड लाइन के अनुसार सैनिटाइजेशन कराया जाएगा।
श्रमिकों की संख्या के अनुसार स्क्रीनिंग थर्मल स्कैनर से की जाए। इकाई पर सैनिटाइजर मास्क व पानी की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग गाइडलाइन पालन सुनिश्चित किया जाएगा। किसी भी कर्मी को संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर जिला प्रशासन को करना तत्काल सूचित करना होगा।
केंद्र ने इन उद्योगों को संचालित करने का दिया था निर्देश
ऑप्टिक फाइबर केबल, कंप्रेसर एंड कंडेंसर इकाइयां, इस्पात और फेरस एलॉय मिल, पावरलूम, पल्प और कागज इकाइयां, उर्वरक, पेंट, प्लास्टिक, वाहन इकाइयां, रत्न एवं आभूषण तथा सेज एवं निर्यात से जुड़ी कंपनियों को काम की अनुमति केंद्र सरकार द्वारा दी गई है।
ट्रांसफॉर्मर एवं सर्किट व्हीकल, टेलीकॉम इक्विपमेंट व कंपोनेंट और खाद्य एवं पेय पदार्थो से जुड़े उद्योग भी काम कर सकेंगे।
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