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Monday, 13 April 2020

पुलिस ने बनाई एस-10 टीम; घरों से बाहर निकलने वालों को मुर्गा बनाकर दी सजा;

पुलिस ने बनाई एस-10 टीम; घरों से बाहर निकलने वालों को मुर्गा बनाकर दी सजा; 

लोग बोले- ये अधिकार इन्हें किसने दिया

कोरोनावायरस को मात देने के लिए संपूर्ण भारत में लॉकडाउन का आज 20वां दिन है। कानपुर में लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने के लिए एस-10 टीम मुस्तैद है, जो पुलिस का सहयोग कर रही है।

लेकिन ये एस-10 टीम इन दिनों विवादों में है। लॉकडाउन का उलंघन करने वालों को ये टीम सरेआम मुर्गा बनाकर उन पर डंडे बरसा रही है।

 जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। बीते 7 अप्रैल को चकेरी में एस-10 के सदस्यों ने एक बुजुर्ग को कोरोना संदिग्ध बताकर उसे रस्सी से बांधकर घसीटा था।

स्थानीय लोगों ने कहा- लॉकडाउन का पालन कराना ठीक है, लेकिन अमानवीय व्यवहार करना गलत है। इस बाबत कानपुर पश्चिमी के एसपी अनिल कुमार से एस-10 टीम के अधिकारों को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने चुप्पी साध ली और फोन डिसकनेक्ट दिया।

पनकी क्षेत्र में लोगों को दी सजा

रविवार को पनकी थाना क्षेत्र में लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों को एस-10 सदस्यों ने मुर्गा बनाकर सबक सिखाया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद शहरवासी पूछ रहे हैं कि आखिर थाने के एस-10 सदस्यों को यह अधिकार किसने दिया है?

 लॉकडाउन तोड़ने वालों को सजा देने का अधिकार पुलिस है को है। एस-10 सदस्य पुलिस की मौजूदगी में गैर कानूनी काम कर रहे हैं।

चकेरी में हफ्ते भर पहले बुजुर्ग को रस्सी से बांधकर घसीटा

बीते 7 अप्रैल को चकेरी थाना क्षेत्र के आर्दश नगर में एक बुजुर्ग के साथ एस-10 सदस्यों ने अमानवीय व्यवहार किया था। बुजुर्ग भूख से परेशान था। वो खाना मांगने के लिए आर्दश नगर बस्ती में घुस गया था। वहां पर मौजूद चकेरी थाने के एस-10 सदस्यों ने उसे कोरोना संदिग्ध बताकर पकड़ लिया था।

 बुजुर्ग को रस्सी से बांध उसकी डंडे से जमकर पिटाई की थी। इसके बाद उसे बांधकर सड़क पर घसीटते हुए बस्ती से बाहर ले गए थे। जब इस मामले पर अधिकारियों से जवाब पूछा गया तो पहले वे टाल-मटोल करने लगे। इसके बाद एस-10 सदस्यों पर शांतिभंग की कार्रवाई करने का आदेश दिया था।


क्या है एस-10 का काम?

कानपुर जिले में कोरोना संदिग्धों की जानकारी देने व लॉकडाउन के दौरान लोगों को जागरुक करने के लिए हर थाने में एस-10 टीम बनाई गई है। इसमें स्थानीय संभ्रांत लोगों को शामिल किया गया है। इन्हें क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम करने और पुलिस की मदद के लिए बनाया गया है। लेकिन एस-10 सदस्य अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं।

पुलिस ने बनाई एस-10 टीम; घरों से बाहर निकलने वालों को मुर्गा बनाकर दी सजा;
घरों से बाहर निकलने वालों को एस-10 टीम मुर्गा बनाकर दे सजा दे रही है। उन्हें पीटा भी जा रहा है। पिटाई का वीडियो भी सामने आया है।


source https://www.bhaskar.com

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