राज्यसभा सांसद और सपा के कद्दावर नेताबेनी प्रसाद वर्मा का शुक्रवार देर शाम निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। बेनी प्रसाद वर्मा के निधन की खबर से समाजवादी पार्टी में शोक की लहर दौड़ गई। वह सपा के संस्थापक सदस्य थे।
बेनी प्रसाद वर्मा उत्तर प्रदेश के कुर्मी समाज के बड़े नेता माने जाते थे। यूपीए-2 सरकार में बेनी प्रसाद वर्मा केन्द्रीय इस्पात मंत्री थे।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद बेनी प्रसाद वर्मा का शुक्रवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और लखनऊ के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।
बेनीप्रसाद वर्मा का जन्म 11 फरवरी 1941 को उत्तरप्रदेश के बाराबंकी जिले के सिरौली में हुआ था। पिता का नाम मोहनलाल वर्मा तथा माता का नाम रामकली वर्मा था। सन1956 में उनका मालती देवी से विवाह हुआ तथा तीन पुत्र व दो पुत्रियां हैं। प्रारंभिक शिक्षा बाराबंकी से ही पूरी हुई। इसके बाद वे लखनऊ आ गए, जहां लखनऊ विश्वविद्यालय से बीए और एलएलबी की पढ़ाई पूरी की।
उप्र के लोक निर्माण मंत्री भी रहे
लंबे समय तक उत्तर प्रदेश राज्य में लोक निर्माण मंत्रीके रूप में कार्य करते रहे। पहली बार 1992 में उत्तरप्रदेश के कैसरगंज से लोकसभा का चुनाव जीतकर संचार के कैबिनेट मंत्री बने।1996 में वे संचार के स्वतंत्र राज्यमंत्री बने।
इसी वर्ष संसदीय कार्य के राज्यमंत्री भी बने। 1996 में ही हुए लोकसभा चुनाव में वे फिर जीते। 1998 में उत्तरप्रदेश सपा पार्टी के प्रमुख सदस्य बने। इससे पहले वे समाजवादी पार्टी के जनरल सेक्रेटरी थे।
1996 से 1998 तक देवगौड़ा मंत्रिमंडल में केंद्रीय संचार मंत्री के पद पर रहे।1998 में ही वे उत्तरप्रदेश सरकार में पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट तथा संसदीय कार्य मंत्री बने। 1999 में सपा छोड़ जनता दल में शामिल होकर उसके प्रमुख बने। इसी दौरान वे जनता दल के संसदीय बोर्ड के सदस्य बने।बेनी प्रसाद वर्मा ने अपने निर्वाचन क्षेत्र से 1998, 1999 और 2004 में पुन: जीत दर्ज की थी।
वहीं समाजवादी पार्टी ने आधिकारिक बयान जारी कर बेनी प्रसाद के निधन की जानकारी दी। पार्टी ने अपने ऑफिशल हैंडल से ट्वीट किया, 'पार्टी के वरिष्ठ नेता, राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री आदरणीय बेनी प्रसाद वर्मा जी और हम सबके प्रिय 'बाबू जी' जी का निधन अपूरणीय क्षति है। शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना! शत-शत नमन और अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि।'
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