सीएए के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिस की चेतावनी-
'धरने का चेहरा बने तो देशद्रोह की धाराओं में कार्रवाई होगी'
जिले के मोहम्मद अली पार्क, चमनगंज और बाबूपुरवा फूल पार्क में सीएए के खिलाफ महीनेभर से चल रहे धरने को खत्म कराने के लिए पुलिस हर सख्त कदम उठाने के लिएतैयार है। पुलिस अधिकारियों का साफतौर पर कहना है कि यदि सीएए के विरोध में धरने का चेहरा बने और उपद्रवियों को पनाह देने का काम किया तो आरोपियों के खिलाफ भी रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।ईडी का खुलासा, सीएए के खिलाफ प्रदर्शन में पीएफआई ने हिंसा कराई
शुक्रवार को डीआईजी अनंतदेव ने दो टूक कहा कि 80 लोगों को नोटिस जारी करने के बाद भी धरना खत्म न हुआ तो पुलिस देशद्रोह की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी करेगी। कहा-मोहम्मद अली पार्क और फूल पार्क में धरने को बाहर से लोग आकर समर्थन करके उकसा रहे हैं।
जहां पुरुषों की एंट्रीबंद है, वहां राजनीतिक पार्टियों की सभा कराई जा रही है। धरने में आजादी के अलावा देश विरोधी नारेबाजी की जा रही है। लोग प्रदर्शन की आड़ में हिंसा का प्रयास कर रहे हैं।
धरने का समर्थन करने वाले और फंडिंग करने वालों पर भी होगी कार्रवाई
ऐसे में प्रशासन अब धरने का समर्थन करने वाले, फंडिंग करने वाले और पर्दे के पीछे खड़े होने वालों पर राष्ट्रद्रोह की धारा में कार्रवाई करेगा। इसके अलावा हिंसा में फरार उपद्रवियों को पनाह देने वालों पर भी रासुका के तहत कार्रवाई कर जेल भेजा जाएगा।डीआईजी ने बताया कि कलक्टरगंज श्वेता यादव, सीओ नजीराबाद गीतांजलि और एसडीएम लवि त्रिपाठी धरने में बैठी महिलाओं से धरना समाप्त करने का आग्रह लेकर गईं थीं। सीओ ने जब धरने पर बैठीं महिलाओं से सीएए और एनआरसी के बारे में पूछताछ की तो सब चुप हो गईं। महज धरने का प्रतिनिधित्व कर रहीं 5-6 महिलाएं ही नागरिकता संशोधन कानून के बारे में आधी अधूरी बात बता सकीं।
उन महिलाओं को चिह्नित किया गया है जो महिलाओं को भड़काने का काम कर रही हैं। धरने पर बैठी महिलाएं ज्यादातर ग्वालटोली और कर्नलगंज की थीं। एक टीम को बाबूपरवा के फूल पार्क में भी भेजा गया। पुलिस चिह्नित महिलाओं से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।
source https://www.bhaskar.com

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