विहिप की कार्यशाला में तैयार रखे हैं मंदिर के लिए पत्थर,
ट्रस्ट तय करेगा इनका उपयोग होगा या नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा में राम मंदिर ट्रस्ट के बारे में घोषणा है। ट्रस्ट से जुड़े 15 सदस्यों में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) का कोई प्रतिनिधि नहीं है। इसमें सवाल उठता है कि अयोध्या में विहिप की कार्यशाला में तैयार रखे पत्थरों का क्या होगा।करोड़ों रुपए की लागत के पत्थरों को विहिप के मॉडल पर बनने वाले मंदिर के हिसाब से तराशा गया है। अब ट्रस्ट ही तय करेगा कि मंदिर का मॉडल क्या होगा? इन पत्थरों का उपयोग वह करेंगे या नहीं। विहिप को राम मंदिर निर्माण तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में शामिल न किए जाने के बाद अब कुछ सवाल उठ रहे हैं, जिनके जवाब ट्रस्ट की बैठक होने के बाद ही मिलने शुरू होंगे।
पहला सवाल- अयोध्या में विहिप की ओर से पिछले कई वर्षों से पत्थर तराशने का काम चल रहा है उसका क्या होगा ?
जवाब: इस सवाल के जवाब में विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि पत्थर तराशने का काम तो बहुत पहले से चल रहा है। हमारी मंशा है कि आम जनमानस के अनुरूप ही इन पत्थरों का उपयोग राम मंदिर निर्माण में कराया जाए। अब इस पर ट्रस्ट को ही फैसला लेना है, हमें उम्मीद है कि आम लोगों के योगदान से तैयार हुए इन पत्थरों को नजरंदाज नहीं किया जाएगा।दूसरा सवाल- अयोध्या निर्माण को लेकर विहिप की ओर से जो मॉडल तैयार किया गया है उसका क्या होगा?
जवाब: विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा- अयोध्या में राम मंदिर को देशवासी विहिप के मॉडल के तौर पर ही देखते हैं। यह मॉडल ही आन्दोलन का केंद्र रहा है। इससे आम जनमानस की भावना जुड़ी हुई है। हमें उम्मीद है कि ट्रस्ट की तरफ से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के दौरान उसी मॉडल को ध्यान में रखकर उसी के अनुरूप ही मंदिर तैयार कराया जाएगा।तीसरा सवाल- क्या सरकार विहिप की ओर से तराशे गए पत्थरों का पैसा देकर खरीदेगी?
जवाब; विहिप की तरफ से इस सवाल का हालांकि जवाब नहीं दिया गया। लेकिन ऐसी अटकलें लगायी जा रही हैं कि ट्रस्ट में विहिप को प्रतिनिधित्व नहीं मिलने के बाद सरकार पत्थरों को खरीदकर मंदिर निर्माण में इसका उपयोग कर सकती है। वहीं, विहिप बिना किसी शुल्क के यह पत्थर दे सकती है, क्योंकि यह जनमानस से सहयोग लेकर तैयार कराए गए हैं।चौथा सवाल- सरकार की ओर से जो नाम ट्रस्ट में शामिल किए गए हैं उनमें किसी के नाम पर विहिप को कोई आपत्ति?
जवाब; विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा कि सरकार ने ट्रस्ट में जो भी नाम शामिल किए हैं, वो सर्वोत्तम हैं। इसके लिए सरकार बधाई की पात्र है।source https://www.bhaskar.com



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