ललितपुर में दंपती की गोली मारकर हत्या,
आरोपी और मरने वाले चचेर भाई को 14 साल पहले हुए मर्डर में उम्रकैद हुई थी
उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में एक शख्स ने अपने चचेरे बड़े भाई औरभाभीकी गोली मारकर हत्या कर दी। फायरिंग की आवाज सुनकर बच्चे दौड़े तो आरोपी शख्स ने हत्या के इरादे से उन्हें भी दौड़ा लिया। बच्चों ने खुद को कमरे में बंद करजान बचाई।
आरोपी औरमरने वाला आपस में चचेरे भाई थे। दोनों साल 2006 में हुए हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास के अभियुक्त हैं। 5 दिसंबर को पैरोल पर घर आए थे। पुलिस ने आरोपी औरउसकी पत्नी को गिरफ्तार किया है।
प्रयागराज में पत्नी और बेटे की हत्या के बाद फॉलोअर ने फांसी लगाकर खुदकुशी की
कोतवाली सदर अंतर्गत मोहल्ला सिविल लाइंस में स्टेशन रोड पर 40 वर्षीय राम आसरे परिवार के साथ रहता था। साल 2006 में हुए हत्याकांड में चचेरे भाई भरत प्रताप निरंजन औरराम आसरे को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। दोनों आगरा की सेंट्रल जेल में सजा काट रहे थे।
एक माह की पैरोल रविवार को खत्म हो रही थी।
रविवार सुबह 7 बजे भरत अपने चचेरे भाई राम आसरे उर्फ भोलू के घर पहुंचा और दोपहर में पंजाब मेल एक्सप्रेस ट्रेन से आगरा चलने की बात कहने लगा। इसी बीच किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद भरत ने राम आसरे की गोली मारकर हत्या कर दी। बचाने दौड़ी 38 वर्षीय भाभी सुनीता को गोली मार दी।
फायरिंग की आवाज सुनकर बच्चे दौड़े तो आरोपी ने उन्हें भी मारने की कोशिश की। किसी प्रकार बच्चों ने कमरे में बंद होकर जान बचाई। इसके बाद आरोपी मौके से भाग गया। उधर, घायल पति-पत्नी को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग ने बताया कि आरोपी भरत को गिरफ्तार कर लिया गया।उसकी पत्नी को भी हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया किहत्या के कारण जानने की कोशिश कर रहेहैं।
source https://www.bhaskar.com
आरोपी औरमरने वाला आपस में चचेरे भाई थे। दोनों साल 2006 में हुए हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास के अभियुक्त हैं। 5 दिसंबर को पैरोल पर घर आए थे। पुलिस ने आरोपी औरउसकी पत्नी को गिरफ्तार किया है।
प्रयागराज में पत्नी और बेटे की हत्या के बाद फॉलोअर ने फांसी लगाकर खुदकुशी की
कोतवाली सदर अंतर्गत मोहल्ला सिविल लाइंस में स्टेशन रोड पर 40 वर्षीय राम आसरे परिवार के साथ रहता था। साल 2006 में हुए हत्याकांड में चचेरे भाई भरत प्रताप निरंजन औरराम आसरे को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। दोनों आगरा की सेंट्रल जेल में सजा काट रहे थे।
एक माह की पैरोल रविवार को खत्म हो रही थी।
रविवार सुबह 7 बजे भरत अपने चचेरे भाई राम आसरे उर्फ भोलू के घर पहुंचा और दोपहर में पंजाब मेल एक्सप्रेस ट्रेन से आगरा चलने की बात कहने लगा। इसी बीच किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद भरत ने राम आसरे की गोली मारकर हत्या कर दी। बचाने दौड़ी 38 वर्षीय भाभी सुनीता को गोली मार दी।
फायरिंग की आवाज सुनकर बच्चे दौड़े तो आरोपी ने उन्हें भी मारने की कोशिश की। किसी प्रकार बच्चों ने कमरे में बंद होकर जान बचाई। इसके बाद आरोपी मौके से भाग गया। उधर, घायल पति-पत्नी को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग ने बताया कि आरोपी भरत को गिरफ्तार कर लिया गया।उसकी पत्नी को भी हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया किहत्या के कारण जानने की कोशिश कर रहेहैं।
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