विधायी कामकाज को लेकर होगा मंथन, आठ देशों के 141 प्रतिनिधि लेंगे हिस्सा
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कॉमनवेल्थ पार्लियामेंटरी एसोसिएशन इंडिया (सीपीए) रीजन का सातवां सम्मेलनविधानसभा के तत्वाधान में आज से शुरू हो जाएगा। इसका उद्घाटन लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।
यह सम्मेलन 19 जनवरी तक चलेगा जिसमें संसदीय प्रणाली औरविधायी कार्यों को लेकर मंथन किया जाएगा। सम्मेलन में खासतौर से इस बात पर जोर दिया जाएगा कि विधानसभा या लोकसभा का सत्र हंगामे की वजह से बाधित होने की स्थिति में कामकाज को और कैसे बढ़ाया जाए।
विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यों को पत्र लिखकर आमंत्रित किया गया है
इस सम्मेलन को लेकर दोनों सदनों (विधानसभा और विधान परिषद) के सदस्यों को पत्र लिखकर 16 जनवरी को उद्घाटन समारोह में सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक उपस्थित रहने का अनुरोध किया गया है। इसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ-साथ राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश भी भाग लेंगे। इनके अलावा देश की सभी विधान सभाओं के अध्यक्ष व विधान परिषदों के सभापति भी भाग लेंगे।
आठ देशों के 141 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे
सीपीए में कुल 9 रीजन है। इनमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, बारबाडोस, कनाडा, मलयेशिया, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, तंजानिया और यूनाइटेड किंगडम हैं। कॉन्फ्रेंस में लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा के उप सभापति, सभी विधानसभाओं और विधान परिषदों के अध्यक्ष, सभापति, प्रमुख सचिवों के साथ आठ देशों के 141 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
पिछले साल पटना में हुआ था यह सम्मेलन
कॉन्फ्रेंस की एग्जिक्यूटिव कमिटी के पदेन चेयरमैन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला है। उनकी कार्यकारिणी में उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, उत्तराखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश विधानसभाओं के सदस्य हैं। यह सम्मेलन दो साल में एक बार होता है। छठीं कॉन्फ्रेंस 2018 में पटना में और पांचवीं कॉन्फ्रेंस गोवा में हुई थी।
लोकसभा-राज्यसभा की टीम शामिल होगी
इस सम्मेलन में देश के राज्यों के विधानसभाओं के अध्यक्ष व विधान परिषदों के सभापति व सचिव भी शामिल होगें। लोकसभा व राज्यसभा के 25-25 सदस्यों की टीम भी होगी। यह आयोजना देश की लोकसभा द्वारा आयोजित होना है। उप्र विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे इसके सचिव बनाए गए है।
18 जनवरी को है अयोध्या भ्रमण का कार्यक्रम
प्रतिनिधियों के बीच 16 से 19 जनवरी को संसदीय प्रणाली के विभिन्न मुद्दों पर विचार विमर्श कार्यक्रम के बीच में ही18 जनवरी को अयोध्या भ्रमण का भी कार्यक्रम तय किया गया है।मेजबान के रूप विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित दल में शामिल होंगे। जिनके नेतृत्व में प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि इस दल के सदस्यों को ‘श्रीराम जन्मभूमि स्थल’ के साथ अयोध्या स्थित अन्य पौराणिक स्थलों का भ्रमण कराने के साथ उनके बारे में जानकारी भी देंगे।source https://www.bhaskar.com
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