लखनऊ. उत्तर प्रदेश में बढ़ते कोरोना वायरस के मामले को देखते हुए रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मुख्यमंत्री ने सोमवार को लॉकडाउन में ढील पर छूट पर निर्णय डीएम लेकर शासन को अवगत कराने को दिए हैं। केंद्र सरकार के द्वारा 20 अप्रैल से लॉक डाउन में छूट जारी किए गए एडवाइज़री से अलग सीएम योगी ने जिलों के डीएम को फ़ैसला करने के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय स्तर पर परिस्थिति को देख लें निर्णय
उन्होंने कहा कि 19 ऐसे संवेदनशील जिलों में जिनमें 10 या उससे अधिक के कोरोना पॉजिटिव केसेज पाए गए हैं, के भी जिलाधिकारी सजगता और सतर्कता के आधार पर निर्णय लें।
यह निर्णय हॉट स्पॉट वाले क्षेत्रों में किसी छूट के लिए लागू नहीं होगा। हाॅट स्पाॅट वाले क्षेत्रों में मेडिकल, स्वच्छता तथा डोर स्टेप डिलीवरी सम्बन्धी गतिविधियां ही संचालित की जा सकेगी। अन्य कोई भी नई गतिविधि नहीं होगी। उन्होंने कहा कि लाॅक डाउन की अवधि तक उसका शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए।
इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही व शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार से सोशल डिस्टेंसिंग और लाॅक डाउन के मानकों का उल्लंघन न हो।
जनपद स्तर पर कुछ औद्योगिक गतिविधियों में छूट दिए जाने के सम्बन्ध में जिलाधिकारी, मण्डलायुक्त, डीआईजी, आईजी, एडीजी, एसपी, एसएसपी, जिला उद्योग केन्द्र के अधिकारी, उद्यमी आदि परस्पर विचार-विमर्श कर निर्णय लें।
भीड़ व अराजकता की स्थिति न पैदा होने पाए। एक्सप्रेस-वे, हाईवे तथा अन्य निर्माण के सम्बन्ध में स्थानीय स्तर पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
लखनऊ में नहीं मिलेगी छूट
लखनऊ डीएम अभिषेक प्रकाश ने आदेश जारी कर कहा है कि लखनऊ में बड़ी संख्या में हॉट स्पॉट क्षेत्र चिन्हित किये गए हैं जबकि कोरोना पॉजिटिव पेशेंट भी बढ़ रहे हैं ऐसे में लखनऊ में लॉकडाउन में अभी कोई छूट नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा सभी को सूचित किया जाता है कि लखनऊ में पूर्व की तरह लॉकडाउन जारी रहेगा। नगरीय क्षेत्र में किसी भी तरह कोई इकाई, कार्यालय, प्रतिष्ठान इत्यादि नहीं खुलेगा।
किसानों उपज को केंद्रों और खेतों सेखरीदा जाए
उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल का हर हाल में न्यूनतम समर्थन मूल्य मिले। शासन द्वारा किसानों की उपज को क्रय केन्द्रों के अलावा, उनके खेतों पर भी खरीदने की व्यवस्था की जाए।
हाॅट स्पाॅट के साथ ही अन्य सभी स्थलों को व्यापक स्तर पर सैनेटाइज किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च के अन्तिम दिनों में बाहर से प्रदेश में आए प्रवासी मजदूरों को भी उनके घरों में पहुंचाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
यह सभी क्वारण्टीन की अवधि पूर्ण कर चुके हैं लेकिन फिर भी उन्हें होम क्वारण्टीन किया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर अलग-अलग टीम गठित कर प्रत्येक टीम को अलग जिम्मेदारी दी जाए और उसका प्रभावी अनुश्रवण किया जाए।
निराश्रित गोवंश के सम्बन्ध में भी कार्यवाही करते हुए उनके चारे आदि की व्यवस्था सुनिश्चित हो।
क्वॉरेंटाइन और सोशल डिस्टेंसिंग का हो पालन
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से आए व्यक्ति को हर हाल में क्वारण्टीन किया जाए। यह देखा जाए कि मण्डी, बैंक, राशन व दवा की दुकान आदि पर भी सोशल डिस्टनसिंग में किसी भी प्रकार की कोताही न हो। उन्होंने कहा कि मेडिकल इंफेक्शन को भी रोका जाना सुनिश्चित किया जाए।
मीडिया ब्रीफिंग शासन स्तर पर नियमित रूप से प्रतिदिन की जा रही है। यदि स्थानीय स्तर पर इसकी आवश्यकता होती है, तो सावधानी बरतते हुए पूरी तथ्यपरक जानकारी और तैयारी के साथ मीडिया को अवगत कराया जाए।
रमज़ान में भीड़ न हो इसके लिएधर्म गुरुओं से करें वार्ता
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 23 अप्रैल, से रमजान माह प्रारम्भ होने जा रहा है। इस सम्बन्ध में भी धर्मगुरुओं, मौलवियों व मौलानाओं से संवाद स्थापित करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी भीड़ एकत्रित न होने पाए। सभी धार्मिक कार्य घर से ही सम्पन्न किए जाएं।
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