देवबंद मदरसा में पढ़ने वाले 15 छात्र क्वारैंटाइन हुए;
इंस्पेक्टर ने घायल वृद्धा का कराया इलाज
कोरोनावायरस को मात देने के लिए संपूर्ण भारत लॉकडाउन की अवधि अब तीन मई तक बढ़ा दी गई है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल तक 21 दिनों का लॉकडाउन किया था।इसी के साथ जिला प्रशासन ने लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने के लिए सख्ती शुरू कर दी है।
सहारनपुर स्थित देवबंद मदरसे के एक छात्र में कोरोनावायरस संक्रमण की पुष्टि के बाद वहां पढ़ने वाले गोरखपुर के 15 छात्रों को प्रशासन ने क्वारैंटाइन किया है। शेष छह छात्रों को क्वारैंटाइन कराने के लिए लखनऊ प्रशासन को सूचना दी गई है। ये सभी वर्तमान समय में लखनऊ में हैं।
जौनपुर का रहने वाला है संक्रमित छात्र
दरअसल, जौनपुर का एक छात्र देवबंद मदरसे में पढ़ता है। वह 27 मार्च को सहारनपुर से जौनपुर अपने घर पहुंचा था। उसे क्वारैंटाइन कर सैंपल लिया गया था। उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद शासन ने मदरसा के शिक्षकों व छात्रों को जांच कराने का निर्देश दिया। मदरसे में गोरखपुर के 21 छात्र पढ़ते हैं। श्रेत्राधिकारी क्राइम प्रवीण सिंह ने बताया कि, सूची में शामिल 15 छात्रों को क्वारैंटाइन किया गया है। शेष छह छात्रों के नाम, उनका पता व फोन नंबर की जानकारी जिला प्रशासन लखनऊ को दी गई है।राजघाट इंस्पेक्टर ने 80 वर्षीय वृद्धा का कराया इलाज
राजघाट की रहने वाली 80 वर्षीय महिला को सोमवार की दोपहर कुत्ते ने काट लिया। महिला पर राजघाट इंस्पेक्टर राजेश कुमार पांडे की नजर पड़ी तो उन्होंने पहले उसके हाथ पैर को सैनिटाइज किया।महिला के पैर से खून निकल रहा था, उन्होंने अपना रूमाल निकालकर वृद्ध महिला के पैर में बांध दिया और उसे तत्काल अपने जीप में बैठाकर जिला अस्पताल के लिए रवाना हो गए। वहां महिला का इलाज कराया। संपूर्ण लॉकडाउन के दौरान गोरखपुर जिले की पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आ रहा है।
आरएसएस ने एक लाख परिवारों तक मदद पहुंचाने का लिया संकल्प
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का सेवा प्रकल्प सेवा भारती वैश्विक महामारी कोरोना आपदा के दौरान राहत पहुंचाने का कार्य कर रहा है। पूरे महानगर को दो जोन में बांटा गया है। कुल 73 सेवा केंद्रों पर संघ कार्यकर्ताओं द्वारा राशन सामग्री वितरित किया जा रहा।एक लाख परिवारों को राहत पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए दुर्गाबाड़ी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर, पक्कीबाग को आपदा राहत केंद्र बनाया गया है। 40 स्वयंसेवक लगाए गए हैं, जो पैकेट को तैयार कर रहे। इस पैकेट में 6 किलो आटा, 3 किलो चावल, डेढ़ किलो दाल, 3 किलो आलू, 1 किलो नमक, 250 ग्राम तेल शामिल है।
अभी तक 20 हजार परिवारों तक पैकेट वितरण हो चुका है। यदि कोई जरूरतमन्द हो तो वो भी 8115853156 पर फोन कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
source https://www.bhaskar.com

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