इंफाल में बनी देश की पहली ट्रांसजेंडर फुटबॉल टीम,
14 खिलाड़ियों ने 2 टीम बनाकर आपस में मैच खेला
भारतीय फुटबॉल टीम भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी, लेकिन इस खेल में देश को अब एक नई उपलब्धि मिली है। दरअसल, मणिपुर की राजधानी इंफाल में देश की पहली ट्रांसजेंडर फुटबॉल टीम बनी है।इस टीम में 14 खिलाड़ी हैं, जिन्होंने आपस में दो टीम बांटकर एक मैच भी खेला। यह टीम एक एनजीओ ने बनाई, जिसका नाम ‘या ऑल’ रखा है।टीम का कप्तान स्ट्राइकर निक को बनाया गया, जबकि दूसरे स्ट्राइकर चाकी को उपकप्तानी सौंपी गई।
इस एनजीओ को एलजीबीटीक्यू समुदाय के लोग चलाते हैं। उन्होंने इस संगठन को 2017 में बनाया था। इस टीम को 5 दिवसीय योशांग फेस्टिवल के दौरान 8 मार्च को बनाया गया था। लेकिन इस पहले मैच के साथ ही इसे आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया गया है। योशांग मणिपुर में होली पर मनाया जाने वाले एक तरह का त्योहार है।

चाकी ने सबसे पहले टीम बनाने की इच्छा जताई थी
उपकप्तान चाकी को फुटबॉल खेलना पसंद था। हालांकि, उन्हें महिला और पुरुष दोनों ही टीम में जगह नहीं मिलती थी। इस कारण चाकी ने ही सबसे पहले टीम बनाने की इच्छा जताई थी। उनका टीम बनाने का उद्देश्य है कि सभी खिलाड़ी खेल का मजा ले सकें और दुनिया को दिखा दें कि हम मिलकर क्या कर सकते हैं। चाकी ने सभी बड़ी फुटबॉल टीम से मदद की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे किन्नरों के प्रति समाज की सोच में परिवर्तन आएगा।पहली ट्रांसजेंडर टीम
- स्ट्राइकर- निक (कप्तान), चाकी (उपकप्तान), लेम
- मिडफील्डर- नेली, मैक्स, थोई और सैंतोई
- डिफेंडर- केके, लाला, क्रिस्टीना, थोई एस और मिलर
- गोलकीपर- पूजा और सिलेबी
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