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Monday, 30 March 2020

गैर राज्यों से पलायन कर 4 दिन में पहुंचे 25 हजार मजदूर;

गैर राज्यों से पलायन कर 4 दिन में पहुंचे 25 हजार मजदूर; 

ट्रकों से हुए रवाना; सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं

कोरोनावायरस को सामुदायिक स्तर पर पहुंचने से रोकने के लिए संपूर्ण भारत लॉकडाउन का आज छठा दिन है। इसके चलते लोग घरों में कैद हैं। जिससे कामगारों के सामने रोजी-रोटी का संकट है।

एक अनुमान के मुताबिक बीते 4 दिनों में बुंदेलखंड के 7 जिलों में करीब 4 लाख से ज्यादा लोग गैर राज्यों से पलायन कर यहां पहुंचे हैं। झांसी में यह आंकड़ा करीब 25 हजार के करीब है।

जिला प्रशासन झांसी के अलावा दूसरे जनपदों में जाने के लिए लोगों को ट्रकों में भरकर भेज रहा है। मजदूर जिस तरह से ट्रकों में बैठ रहे हैं उससे सोशल डिस्टेंसिग के सारे नियम धरे के धरे रह गए।

लापरवाही पड़ सकती है भारी

बुंदेलखंड के झांसी, ललितपुर, जालौन, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर व महोबा बीते कई वर्षों से मौसम की मार झेल रहा है। यहां अन्नदाता की कमर टूट रही है। इससे ज्यादातर युवा दिल्ली, पंजाब, हरियाणा व मध्य प्रदेश समेत गैर राज्यों को रोजी रोटी की आस में पलायन कर गए।

लेकिन, कोरोनावायरस जैसी वैश्विक महामारी के चलते भारत को लॉकडाउन कर दिया गया। जिससे इनकी मजदूरी भी बंद हो गई। पंजाब में गेहूं कटाई के लिए जाने वाले मजदूरों को भी वापस कर दिया गया है।सबसे ज्यादा मजदूर दिल्ली से लौट कर आ रहे हैं।

 प्रशासन के सामने सबसे बड़ी समस्या इनको क्वारैंटाइन करने की आ रही है। यदि इनकी जांच सही से नहीं हो पाती है तो यह संक्रमण कई लोगों में फैल सकता है।


झांसी में नवाबाद थाने के समीप इस तरह लॉकडाउन का उलंघन करते नजर आए लोग।


थाने के समीप ट्रिपलिंग करते नजर आए लोग

लॉकडाउन के बीच लोग सड़कों पर बेवजह घूमते नजर आ रहे हैं और पुलिस प्रशासन सिर्फ फोटो खिंचवाने में लगा है। थाना नवाबाद इलाके में सबसे ज्यादा स्थिति खराब है। निर्देश है कि, जरूरत पड़ने पर एक बाइक पर सिर्फ एक व्यक्ति चल सकता है। लेकिन, इस थाने से चंद कदम दूरी पर लगे पुलिस बैरिकेटिंग के पास एक बाइक पर तीन लोग बैठकर पुलिस के सामने से गुजरते दिखे।

प्रशासन फोटोशूट तक सीमित

जिले के डीएम और कप्तान जब भी लोगों की मदद के लिए अपने बंगले से बाहर निकलते हैं तो मीडिया कर्मियों के पास फोटो शूट करने की सूचना आ जाती है। गरीबों को लंच पैकेट बांटे जाते हैं। उसके बाद फोटोशूट पूरा होते ही अधिकारी वापस चले जाते हैं।

तमाम झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले छोटे-छोटे बच्चे सुबह से ही रोटी के लिए इधर-उधर भटकते नजर आते हैं। क्योंकि, उन तक राशन ही नहीं पहुंचाया गया।


झांसी में डीएम-एसएसपी ने बांटे लंच पैकेट।

वार्ड में नहीं पहुंच रहीं सब्जियां

जिले में सब्जियों की कोई कमी नहीं है। दूसरे राज्यों से भरपूर मात्रा में सब्जी आ रही है। रविवार को ही मंडी में 5 ट्रक आलू और एक ट्रक प्याज आया। मंडी प्रशासन का दावा था कि सब्जी ठेले के माध्यम से वार्डों में पहुंचेगी। ऐसे में लोग अपने घरों से सब्जी खरीदने के लिए बाहर निकले और सब्जी मंडियों में एक बार फिर से भीड़ लग गई।

कोटेदारों की हुई शिकायत

विकास भवन में हुई बैठक में पार्षदों ने मिलावटी दवा का छिड़काव कराए जाने, सब्जी वार्ड में न पहुंचने की शिकायत की। राशन कम दिए जाने की भी शिकायत की गई। इस पर डीएम आंद्रे वामसी ने निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोटेदार धांधली या घट तोली करता है तो कड़ी कार्रवाई होगी।

गैर राज्यों से पलायन कर 4 दिन में पहुंचे 25 हजार मजदूर;
गैर राज्यों से आए मजदूरों को ट्रकों से किया गया रवाना।


source https://www.bhaskar.com 

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