विषम परिस्थितियों में आतंकियों को खोजकर मारेगा 'रोबोट सोल्जर';
डीआरडीओ ने किया निर्माण
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पांच फरवरी से चल रहे 11वें डिफेंस एक्सपो-2020 में भारत की सामरिक शक्ति का प्रदर्शन हो रहा है। यहां मेले में तमाम ऐसे आधुनिक हथियार हैं, जो कई किमी दूर बैठे दुश्मनों को धूल चटा सकते हैं। उनमें से एक 'रोबोट सोल्जर' है।केंद्र सरकार, डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) के साथ मिलकर विषम परिस्थितियों में इंसानी नुकसान को 'शून्य' तक लाने में जुटी है।
डिफेंस एक्सपो-2020 में शामिल डीआरडीओ के वैज्ञानिक मृदुकांत पाठक ने कहा- ये रोबोट सोल्जर एके-47 और इंसास जैसी रायफल से लैस होंगे, जोकि खुद ही छिपे आतंकियों को ढूंढकर उनको करीब से शूट करने में सक्षम होंगे।
इन रोबोट सोल्जर के इस्तेमाल से एनकाउंटर के दौरान जवानों की जान को खतरे में डाले बिना आतंकियों का सफाया आसान होगा। बताया कि, यूएस आर्मी, साउथ कोरिया और इजराइल में इस तरह के मिलिट्री रोबोट के निर्माण का काम कई सालों से चल रहा है। जल्द ही इस कड़ी में भारत का नाम भी जुड़ जाएगा।
डीआरडीओ के ये भी बड़े घातक हथियार
सूरन: एक मानवरहित टेली ऑपरेटेड कॉम्बैट व्हीकल है। इस व्हीकल और इसमें लगी गन को रिमोट, मोबाइल कंट्रोल स्टेशन और आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस निवाटा से कंट्रोल किया जा सकता है। इस 500 सीसी इंजन वाले व्हीकल में लंबी रेंज के कैमरे, प्रोसेसर्स, सेंसर, पॉवर बैकअप, इनबिल्ट जनरेटर लगे हैं।
हाइब्रीड बिहो: यह कोरियन कंपनी का सेल्फ प्रोपेल्ड गन एयर डिफेंस सिस्टम है। यह 30 एमएम की दो गन से लैस है। इससे दुश्मनों के एयरक्राफ्ट को मार गिराने वाले गाइडेड मिसाइल भी लांच की जा सकती है। यह गन एक मिनट में 1200 राउंड फायर गोलियां कर सकती है।
मीडियम टैंक के 21-101: कोरियन कंपनी का यह मीडियम टैंक 105 एमएम गन से लैस है। यह मीडियम टैंक पैदल सेना को कवर देने में अहम किरदार निभाता है। एंटी टैंक मिसाइल से लैस इसकी गन पांच किलोमीटर तक मार कर सकती है।
source https://www.bhaskar.com


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