लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा- संसद समेत सभी विधानमंडलों की डिबेट्स को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की जरूरत
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने शुक्रवार को कहा कि इस सम्मेलन के दौरान सभी लोग इस बात पर एकमत हुए हैं कि विधानमंडलों को व्यवधानों के बिना सुचारू रूप से कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इसके लिए नियम बनाए जाएं और विधानमंडलों में नियमों में एकरूपता लाने केप्रयास किए जाने चाहिए। सम्मेलन में उभरी आम सहमति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संसद सहित सभी विधानमंडलों की डिबेट्स को भी एक प्लेटफार्म पर लाने का प्रयास किया जाएगा।
बिड़लाने इस दौरानबात पर जोर दिया कि विधायी संस्थाएं आम लोगों के सरोकारों, उनकी आशाओं और आकांक्षाओं को मुखरित किए जाने के विश्वसनीय मंच होते हैं, जिन्हें सभा में जन प्रतिनिधियों द्वारा प्रभावी ढंग से उठाया जाना चाहिए।
विधानमंडलों को कार्यपालिका की वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत
बिड़लाने कहा कि विधानमंडलों को कार्यपालिका की वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक सजग प्रहरी की तरह कार्य करना चाहिए। इसके लिए, यह आवश्यक है कि जन प्रतिनिधियों को वित्तीय शब्दावली और बजटीय प्रक्रियाओं की बेहतर समझ हो।उन्होंने बजटीय प्रक्रिया की बारीकियों को समझने के लिए जनप्रतिनिधियों की क्षमता को बढ़ाने के लिए अनुभवी सांसदों और पदाधिकारियों की टीम को भेजने का प्रस्ताव रखा। 'जन प्रतिनिधियों का ध्यान विधायी कार्यों की ओर बढ़ाना' संबंधी दूसरे पूर्ण सत्र के बारे में बिड़लाने कहा कि जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध सभी प्रक्रियात्मक साधनों का प्रभावी रूप से इस्तेमाल करना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य विधानमंडलों कोसत्रों के दौरान लोकसभा द्वारा आरंभ किए गए पैटर्न के अनुसार विधायी कार्य संबंधी संक्षिप्त जानकारी सत्र आयोजित करने पर भी विचार करना चाहिए ।
source https://www.bhaskar.com

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