लखनऊ. उत्तर प्रदेश के डीजीपीओमप्रकाश सिंह ने कहा कि कमलेश तिवारी की हत्या के तार गुजरात से जुड़े हैं। शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंह ने बताया कि सूरत के मौलाना मोहसिन शेख (24), फैजान (21) और खुर्शीद अहमद पठान (23) को हिरासत में लिया गया है। तीनों ने हत्या की साजिश रची थी। हत्या का आतंकी संगठन से कोई संबंध नहीं है। 2015 में कमलेश तिवारी द्वारा पैगंबर मोहम्मद को लेकरदिया गया विवादित बयान उनकी हत्या का कारण बना। इस बीच 5 संदिग्धों को मुरादाबाद से हिरासत में लिया गया है।हिंदूसमाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे कमलेश की शुक्रवार को हत्या हो गई थी।
डीजीपी ने कहा,‘‘घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच के निर्देश दिए गए हैं।इसके लिए तीन टीमें गुजरात, बिजनौर और बहराइच भेजी गई हैं। गुजरात गई पुलिस टीम वहां एटीएस द्वारा आईएस के दो आतंकियों के खिलाफ दायर चार्जशीट को देखेगी। यूपी पुलिस गुजरात के डीजीपी और एटीएस अफसरों से लगातार संपर्क में है।’’ इस बीच गुजरात एटीएस के डीआईजी हिमांशु शुक्ला ने कहा कि तीनों आरोपियों ने गुनाह कबूल लिया है।
‘सूरत के एक व्यक्ति ने पार्टी के विस्तार की बात कही थी’
सिंह ने बताया कि सूरत के ही गौरव तिवारी ने कुछ दिन पहले कमलेश तिवारी को फोन करके कहा था कि वह गुजरात में हिंदूसमाज पार्टीका विस्तार करना चाहता है। कमलेश ने उसे मिलने बुलाया था। इस बातचीत को भी इस घटना की जांच में शामिल किया गया है।
पहले गला रेता, फिर गोलियां मारीं
लखनऊ में 18 अक्टूबर कोकमलेश की हमलावरों ने हत्या कर दी थी। दोपहर में दो लोग उनसे मिलने पार्टी ऑफिस आए थे। पहले उन्होंने कमलेश का गला रेता, फिर मिठाई के डिब्बे से पिस्तौल निकालकर गोलियां मारीं। कमलेश हिंदू महासभा के भी नेता रहे थे। वारदात के बाद हिंदू समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर प्रदर्शन किया था।
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