Transformer a Basic Concept
ट्रान्सफार्मर
एक बिजली से काम करने वाला ऐसा महत्वपूर्ण उपकरण है जिससे हम अपनी आवश्यकता के
अनुसार विद्युत् वोल्टेज कम या अधिक करके ले सकते हैं I ये म्यूच्यूअल इंडक्शन के
सिद्धांत पर कार्य करता है
इसको
समझने के लिए हमें पहले चुम्बक के कार्य को समझना आवश्यक है I चुम्बक में दो पोल N
यानी नार्थ पोल तथा S यानी साउथ पोल, चुम्बक लोहे को अपनी तरफ खींचती है I अगर दो
चुम्बक पास-पास लायी जाएँ तो एक चुम्बक का नार्थ पोल दूसरी चुम्बक के साउथ पोल को
अपनी ओर खींचता है लेकिन नार्थ पोल दुसरे नार्थ पोल को अपने से दूर भगाता है I
चुम्बक के इन दोनों पोलों से चुम्बकीय धाराएँ (
Lines Of Force ) निकलती हैं इनकी दिशा साउथ पोल से नार्थ पोल होती है इस तरह से
समान पोल एक दुसरे से दूर भागते हैं और बिपरीत
पोल एक दुसरे की ओर
आकर्षित होते हैं I
लोहे की
छड़ के उपर इंसुलेटेड तार को लपेट कर उसको DC बिद्युत दी जाये तो लोहे की छड़ को
चुम्बक बनाया जा सकता है लेकिन अगर AC बिद्युत दी जाये तो लोहे की छड़ तभी तक
चुम्बक रहेगी जबतक लपेटे गये तारों में AC बिद्युत करेंट का प्रवाह रहेगा, बिद्युत
की सप्लाई बंद करते ही उसका चुम्बकत्व समाप्त हो जायेगा I
Self Induced E M F –जब किसी कोइल में AC करेंट प्रवाहित किया जाये तो उसके आस-पास
परिवर्तनशील चुम्बकीय क्षेत्र पैदा होने पर वो चुम्बकीय धाराएँ इस कोइल से टकराती
हैं तो सर्किट में EMF ( electro
motive force ) पैदा होती है I
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