Featured Posts

Breaking

Thursday, 23 April 2020

पिता की दुकान बंद तो मास्क बेचकर परिवार का खर्च उठा रही गुलशफा;

पिता की दुकान बंद तो मास्क बेचकर परिवार का खर्च उठा रही गुलशफा; 

कोरोना योद्धाओं के लिए फ्री उसकी ये सेवा

कहते हैं बेटी लक्ष्मी का रूप होती है और जिस घर में बेटी होती है वह घर स्वर्ग से सुंदर होता है। मुरादाबाद में भी एक बिटिया अपने नन्हें कदमों से परिवार का खर्च उठा रही है।

 दरअसल, लॉकडाउन के चलते उसके टेलर पिता का काम बंद हुआ तो वे मास्क बनाने लगे। अब उनकी बेटी गुलशफा रोज सुबह और शाम घर से साइकिल पर निकलकर घर पर बनाए मास्क को गली मोहल्लों में बेचकर 50 से 100 रुपए कमा लेती है।

इस दौरान वह कोरोना से जंग लड़ रहे कोरोना योद्धाओं को मास्क फ्री में देती है, लेकिन उसके इस जज्बे को देकर कोई भी मास्क फ्री में नहीं लेता। गुलशफा एक मास्क 10 रुपए में बेचती है। उसका तिरंगा वाला मास्क सबसे अधिक बिक रहा है।

गली मोहल्लों में मास्क बेचती है गुलशफा

मझोला थाना क्षेत्र के मीना नगर की रहने वाले 10 साल की गुलशफा के पिता इंतजार हुसैन टेलर हैं। लेकिन लॉकडाउन की वजह से सिलाई का काम ठप है। जिसके चलते परिवार के आगे आर्थिक संकट मंडराने लगा है।

 परिवार का पालन पोषण करने के लिए इन्तजार हुसैन अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ घर में मास्क तैयार कर रहे हैं। मास्क को बाजार में बेचने का जिम्मा बेटी गुलसफा के कंधों पर है। गुलसफा प्रत्येक दिन सुबह शाम गली मोहल्लों में साइकिल पर सवार होकर मास्क बेचती है।

गुलसफा भले ही 10 साल की है, लेकिन वह यह जानती है कि सड़क पर खड़े कोरोना योद्धा कितनी मेहनत कर रहे हैं। इसलिए वह इन कोरोना योद्धाओं को मास्क फ्री देती है।

दो मास्क की कीमत 15 रुपए

गुलशफा ने कहा- पापा का सिलाई का काम बंद हो गया तो परिवार में बहुत परेशानी हो रही है। पापा, मम्मी और दो बहनें पिछले एक हफ्ते से घर पर ही मास्क तैयार कर रहे हैं और मैं बाजार में जाकर बेचती हूं। एक मास्क दस रुपए का है, लेकिन अगर कोई दो मास्क लेता है तो उनको 15 रुपए में बेच देते हैं।

 50 से 100 रूपए दिन भर में आ जाते हैं। वह रूपए लाकर पापा को देती हूं। गुलशफा के पिता इन्तजार हुसैन ने कहा- बेटी मजबूरी में काम कर रही है। जिससे चाय, नाश्ता और दवाई का खर्च निकल जाता है। इस समय हालात बहुत खराब हो गए हैं।

पिता की दुकान बंद तो मास्क बेचकर परिवार का खर्च उठा रही गुलशफा;
मुरादाबाद की गुलशफा के पिता व अन्य घर पर मास्क बनाते हैं और वह गली मोहल्लों में उसे बेचती है। इस दौरान वह कोरोना योद्धाओं को फ्री में मास्क देती है।


source https://www.bhaskar.com

No comments:

Post a Comment

आप  https://www.muchtoknow.in   पर जाकर सभी समाचार देख तथा पढ़ सकते हैं I