कोरोनावायरस के 15 संदिग्ध भर्ती होने को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया गलत लेटर,
वायरल होने के बाद अधिकारियों ने किया खंडन
देश ही नहीं दुनियाभर में कोरोनावायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इस बीच उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में कोरोनावायरस को लेकर सीएमओ की बड़ी गलती सामने आयी है। मुख्य चिकित्साधिकारी बिना पढ़े ही गलत लेटर साइन कर दिया।लेटर में बताया गया था कि जिले में कोरोनवायरस के 15 संदिग्ध भर्ती हुए हैं। हालांकि गलती की जानकारी सामने आने के बाद दोबारा सही पत्र जारी कराया गया। पत्र वायरल होने के बाद से ही जिले में अफरा तफरी का माहौल बन गया था।
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दरअसल नेपाल की सीमा से सटे होने की वजह से गोंडा में भी कोरोनावायरस से जुड़े मरीजों के लिए 15 बेड बनाए गए थे। गलती से लेटर में बेड की जगह मरीज चला गया। और यही पत्र जारी कर दिया गया।
बाद में पत्र वायरल होने के बाद सीएमओ ने इसका खंडन करते हुए दूसरा पत्र जारी किया। खंडन में कहा गया है कि गोंडा में कोरोनावायरस से जुड़े मरीजों के लिए 15 आइसोलेशन बेड तैयार किए गए हैं न कि 15 मरीज भर्ती किए गए हैं।

उप्र में अब तक 11 मरीजों की पुष्टि
उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सरकार ने सभी स्कूल-कॉलेज 22 मार्च तक बंद रखने का निर्णय लिया है। मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई भी नहीं होगी। जिन विद्यालयों में परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, वे जारी रहेंगी।सीएम योगी ने कहा-यूपी में अब तक कुल 11 पॉजिटव केस पाए गए हैं। जिनमें 10 का उपचार दिल्ली में व एक का केजीएमयू लखनऊ में उपचार चल रहा है। इनमें आगरा के सात, गाजियाबाद के दो और नोएडा व लखनऊ में एक-एक केस हैं। यह बीमारी पैनिक न हो, इसके लिए एपेडमिक एक्ट के तहत कुछ पॉवर डेलीगेट किए हैं।लेकिन महामारी घोषित नहीं किया गया है।

source https://www.bhaskar.com

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