आजमगढ़ में मुस्लिम धर्मगुरु समेत 19 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार;
पुलिस का दावा- दंगा भड़काने की साजिश थी
जिले के बिलरियागंज में बुधवार को सीएए व एनआरसी के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए हंगामे व पथराव के मामले में पुलिस ने मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना ताहिर मदनी व एक महिला समेत 19 लोगों को गिरफ्तार किया है।वहीं, फरार उलेमा कौंसिल के नेता नुरूल होदा, ओसामा और मिर्जा शाह पर 25-25 हजार रुपए का ईनाम घोषित किया गया है। पुलिस का दावा है कि, सीएए के विरोध प्रदर्शन के जरिए जिले में दंगा भड़काने की साजिश रची गई थी।
मंगलवार को शुरू किया था प्रदर्शन
बीते मंगलवार की दोपहर बिलरियागंज कस्बे के जौहर अली पार्क में 'शाहीन बाग' की तर्ज पर सीएए के विरोध में धरना प्रदर्शन शुरू किया गया था। जिसमें तमाम महिलाएं, बच्चे व पुरुष शामिल थे। देर रात पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने लोगों को धारा 144 का हवाला देकर धरना समाप्त करने के लिए कहा। लेकिन लोग नहीं माने तो पार्क में पानी भर दिया गया। जिसके बाद लोग नाराज हो उठे और बुधवार को पार्क के सामने रोड पर उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया।लोग पार्क से नहीं उठे तो भर दिया गया पानी
सूचना पाकर पुलिस ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया। लोगों को रोड से हटाने का प्रयास किया तो झड़प भी हुई। उसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेते हुए बल प्रयोग कर लोगों को तितर-बितर किया।धर्मगुरू सहित सहित अन्य प्रदर्शकारियों को हिरासत में लिए जाने के बाद शिब्ली नेशनल कालेज के छात्र उग्र हो गए। छात्रों ने कालेज के गेट के सामने धरना-प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। छात्राओं का कहना है कि लगातार शांति पूर्ण विरोध कर रही महिलाओं पर पुलिस ने अत्याचार किया है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि, पुलिस ने जौहर पार्क में प्रदर्शन कर रही महिलाओं पर लाठीयां भांजी। जिसमें कई महिलाएं घायल हुई हैं। वहीं पुलिस ने लाठीचार्ज जैसी कार्रवाई को नकारा है।
डीएम बोले- सुनियोजित थी घटना
जिलाधिकारी एनपी सिंह ने कहा- मौलाना ताहिर मदनी पिछले कई दिनों से धरना प्रदर्शन की भूमिका बना रहे थे। घटना सुनियोजित थी। देर रात युवकों ने पुलिस पर पथराव किया। बावजूद उसके वे पुलिस को किसी भी हालत में महिलाओं में को चोट न पहुंचे इसके लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। युवको की गिरफ्तारी के बाद धरने पर बैठी महिलाएं घर चली गयीं।पुलिस ने कहा- प्रदर्शनकारी लगा रहे थे उत्तेजक नारे
थानाध्यक्ष बिलरियागंज मनोज सिंह ने बताया कि, महिलाओं की आड़ में कुछ लोग हमें चाहिए आजादी, हम लेकर रहेंगे आजादी, प्रधानमंत्री और हिंदुओं के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए नारेबाजी कर रहे थे। लोग लाठी डंडे, ईट पत्थर के अलावा घातक हथियारों से लैस थे।आजमगढ़ में हिंदू मुस्लिम दंगा भड़काने की साजिश थी। यहां तक कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और हिंदू धर्म के लोगों को भद्दी गालिया दे रहे थे। लोगों ने सड़क जाम करने का प्रयास किया, जब पुलिस ने धारा-144 का हवाला देकर उन्हें रोकने की कोशिश की तो वे और उग्र हो गए। आरोपियों को चिन्हित कर कार्रवाई जारी है।
source https://www.bhaskar.com

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