आईएसआई ने एजेंट राशिद से मंगवाए दो भारतीय सिम
उसी नंबर पर एक्टिवेट वॉट्सऐप पर मंगवाया जाता था फोटो-वीडियो
मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट के आधार पर यूपी एटीएस ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले से राशिद अहमद नाम के आईएसआई (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) एजेंट को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता चला है कि, वह दो बार 2017 और 2018 में पाकिस्तान जा चुका है।इस बात की पुष्टि उसके घर वालों ने भी की। आईएसआई ने उसके ब्रेन को वॉश कर भारत के खिलाफ जहर भर दिया था। इस बात की तस्दीक उसके सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट भी कर रहे हैं, जिसमें वह पाकिस्तान को अपना देश बता रहा था।
यह भी पता चला कि, आईएसआई ने उससे दो भारतीय सिम मंगवाए थे, उस पर वॉट्सऐप एक्टिवेट कर उसी पर सेना से जुड़े फोटो-वीडियो राशिद भेजता था।
मां के साथ ननिहाल में रहता था राशिद
राशिद अहमद चंदौली जिले के मुगलसराय कोतवाली के चौरहट गांव अपने नाना जब्बार (70) के यहां अपनी मां शहजादी के साथ रहता था।मां और नाना के अनुसार राशिद दो बार पाकिस्तान अपनी मौसी हसीना की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए पाकिस्तान जा चुका है।पहली बार वह अगस्त 2017 में पाकिस्तान गया था। उस दौरान वह एक महीने तक वहां रहा था। दूसरी बार दिसंबर 2018 में मौसी की बेटी की शादी में शामिल होने पाकिस्तान गया था और उस दौरान दो माह वहीं रहा था।
राशिद ग्लोसाईन बोर्ड बनाने का काम वाराणसी के नौरंगाबाद किसी दानिश के लिए काम करता था। राशिद दानिश के कहने पर ही कानपुर, इलाहाबाद और लखनऊ तक जा चुका है। रशीद के नाना जब्बार मूल रूप से वाराणसी के प्रह्ललाद घाट क्षेत्र के रहने वाले हैं। 20 वर्ष पूर्व वह चौरहट में आकर बसे थे।
उनके दो बेटे और पांच बेटियां है। बेटे शमशीर और आलमगीर यहीं चौरहट में रहते हैं। वहीं सबसे बड़ी बेटी हसीना पाकिस्तान के करांची में अपने परिवार के साथ रहती है। दूसरे नंबर की बेटी शहजादी पति से तलाक के बाद बेटे रशीद के साथ यहीं रह रही है।
तीसरी नंबर की बेटी शबनम और पांचवे नंबर की बेटी शबीना की शादी मारवाड़ के पाली में हुई है। वहीं चौथे नंबर की बेटी शानू पास के गांव में रहती है। राशिद के आईएसआई एजेंट होने का विश्वास परिवार को नहीं हो रहा है।
इन स्थानों की कर चुका था रेकी
काशी विश्वनाथ मंदिर, बीएचयू, डीरेका, संकटमोचन मंदिर, सारनाथ, एयरपोर्ट, कैंट रेलवे स्टेशन, कलेक्ट्रेट, कचहरी, अस्सी, दशाश्वमेध समेत अन्य घाट। 39 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर, 95 बटालियन सीआरपीएफ, राजघाट पुल के अलावा अयोध्या, आगरा फोर्ट, गोरखपुर रेलवे स्टेशन, मीरजापुर, चंदौली और सोनभद्र के नक्सल प्रभावित इलाकों में मौजूद सीआरपीएफ कैंप, नागपुर रेलवे स्टेशन, अजमेर शरीफ, रेणुकूट थर्मल पावर प्लांट, नैनी पुल प्रयागराज, अर्धकुंभ से जुड़ी तस्वीरों के साथ उसके मोबाइल से अन्य जानकारियां एटीएस को मिली हैं।अब यहां आरोपी से जुड़ा कोई तार नहीं
पुलिस अधीक्षक हेमंत कुटियाल ने बताया कि, राशिद से एटीएस मुख्यालय लखनऊ में रॉ, आइबी, मिलिट्री खुफिया इकाई और अन्य सुरक्षा व खुफिया एजेंसियां उससे पूछताछ कर रहीं। मामले में हम अपने स्तर से जांच कर रहे हैं। आरोपी से जुड़ा कोई और तार तो यहां नहीं है।source https://www.bhaskar.com
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