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Sunday, 12 January 2020

अलका याज्ञनिक ने अपनी सुरीली आवाज का बिखेरा जादू,

अलका याज्ञनिक ने अपनी सुरीली आवाज का बिखेरा जादू, 

पिता की याद में सांसद रवि किशन ने अटल की कविताओं का किया पाठ
अलका याज्ञनिक ने अपनी सुरीली आवाज का बिखेरा जादू,

गोरखपुर. मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के शहर गोरखपुर में आयोजित तीन दिवसीय महोत्‍सव के पहले दिन की शाम बॉलीवुड कलाकारों के नाम रही। पार्श्‍व गायिका अलका याज्ञनिक ने अपनी सुरीली आवाज समा बांधा तो गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता और गीत सुनाकर खूब तालियां बटोरीं और अपने दिवंगत पिता को याद भी किया।

तीन दिवसीय गोरखपुर महोत्सव का हुआ आगाज, हर दिन अलग-अलग कलाकार संभालेंगे मनोरंजन का मंच

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में शनिवार को तृतीय गोरखपुर महोत्सव का आगाज हुआ है। महोत्सव के पहले दिन की शाम बॉलीवुड नाइट्स के नाम से सजने वाली थी, सो शहरवासियों के कदम आयोजन स्थल गोरखपुर विश्वविद्यालय की ओर तेजी से बढ़े आ रहे थे। ‘कोई पास आए यूं मुस्कुराए’गीत के साथ अलका मंच पर उतरीं तो लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया।

अलका ने भोजपुरी में ‘रउआ सभे कइसन बांटी’ बोल कर गोरखपुर के लोगों का दिल जीत लिया। इसके बाद उन्होंने‘गजब का दिन सोचो जरा’, ‘लाल दुपट्टा उड़ गया हवा के झोंके से’, ‘राह में उनसे मुलाकात हो गई’, ‘एक मैं और एक तू’, ‘गली में आज चांद निकला’ जैसे तमाम गीत सुनाए। अंत में तेजाब फिल्म का गीत ‘एक दो तीन’ सुनाकर उन्होंने बॉलीवुड नाइट को यादगार बना दिया।

सांसद रवि किशन ने महोत्सव के मंच से अटल बिहारी वाजपेयी की कविताओं का पाठ किया। कहा- उनकी कविताएं मेरे पिता जी को बहुत पसंद थी। हाल ही में उनके पिता का निधन हुआ है और इसी बहाने वह अपने पिता को याद कर रहे हैं। मंच पर आते ही चिर परिचित अंदाज में अभिनेता रवि किशन ने भीड़ से पूछा ‘का हाल बा गोरखपुर’।

खुद बोले ताली बजाकर बाहर से आए कलाकारों का स्वागत करिए। बोले, पहली बार वह किसी मंच से अटल जी की कविताओं का पाठ करने जा रहे हैं। सांसद ने कहा कि अटल जी की सोच एक स्वच्छ व सुन्दर भारत की थी। मौजूदा पीएम भी ऐसा ही सोचते हैं। उनकी कल्पनाओं को धरातल पर उतारने का प्रयास कर रहे हैं। पंडित अटल जी के रास्ते पर हमारे मोदी जी व हमारे मुख्यमंत्री जी चलते हैं।

सांसद ने कविता सुनाने के बाद भोजपुरी में पूछा, अब का सुनब सभे। हमारा मन बहुत कुछ कहने को था, पर तेरही की वजह से कह नहीं पा रहा हूं। सांसद के साथ कलाकार भी हूं, इसलिए एक गीत भी गाता हूं। इसके बाद उन्होंने ‘भगवन तू, मैं कुछ नहीं. जीवन तू, मैं कुछ नहीं, मै जी भर जीया, अब मन से मरूं, सुनायी।

बाहर से आए कलाकारों को खूब प्यार व सम्मान देने की अपील करते हुए मंच से नीचे उतरे। इसके पहले बंगलुरू से आई सेक्‍सोफोन वादिका एसएस सुब्‍बालक्ष्‍मी ने भी अपनी शानदार प्रस्‍तुति से गोरखपुर के लोगों का मन मोह लिया।source https://www.bhaskar.com
गोरखपुर महोत्सव में गायिका अलका याज्ञनिक ने बांधा समां।



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