मंगनी की बात सुन हाथों से हमें गाड़ी सहित ऊपर उठा लिया था- सायरा बानो
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कैसे हैं अभी युसुफ साहब?
उनका रुटीन आज भी वैसा ही जैसा हमेशा रहा है। रात को वे कभी भी लगकर पूरी नींद नहीं ले पाते थे। आज भी वही हाल है। सुबह जरा जागकर फ्रेशेन अप होकर फिर से सो जाया करते हैं।
कैसा रहेगा 11 दिसंबर को जन्मदिनका जश्न?
दिलीप साहब की तबीयत नासाज है। उनको पहले निमोनियाभी हो चुका है। लिहाजा डॉक्टर्स ने मना किया है कि आप पार्टी मत कीजिए। वह इसलिए कि बहुत लोगों का आना हो जाता है। फैंस, नजदीकी दोस्त, नाते-रिश्तेदार आ जाते हैं। तो दिलीप साहब को कहा गया है कि ज्यादा एक्सपोजर न करें। नतीजतन इस बार सिर्फ क्लोज फैमिली और महज चार से पांच क्लोज फ्रेंड्स ही इकट्ठा हो रहे हैं। ऐसा समझिए कि इस बार मात्र 20 से 25 मेहमानों के साथ ही दिलीप साहब के जन्मदिनमनने वालाहै। दिलीप साहब को बिल्कुल स्ट्रेन नहीं करेंगे। हम लोग छतपर अलग बैठेंगे। एक गेट टुगैदर और फैमिली डिनर साथ में करेंगे।
युसुफ साहब कोक्या पसंद है?
चेन वगैरह पहनते ही नहीं है। पहनते तो हैं बस एक घड़ी। अच्छे कपड़ों का शौक है। व्हाइट कपड़े और उसी रंग की चप्पलें पहना करते हैं।source https://www.bhaskar.com
कैसे हैं अभी युसुफ साहब?
उनका रुटीन आज भी वैसा ही जैसा हमेशा रहा है। रात को वे कभी भी लगकर पूरी नींद नहीं ले पाते थे। आज भी वही हाल है। सुबह जरा जागकर फ्रेशेन अप होकर फिर से सो जाया करते हैं।
कैसा रहेगा 11 दिसंबर को जन्मदिनका जश्न?
दिलीप साहब की तबीयत नासाज है। उनको पहले निमोनियाभी हो चुका है। लिहाजा डॉक्टर्स ने मना किया है कि आप पार्टी मत कीजिए। वह इसलिए कि बहुत लोगों का आना हो जाता है। फैंस, नजदीकी दोस्त, नाते-रिश्तेदार आ जाते हैं। तो दिलीप साहब को कहा गया है कि ज्यादा एक्सपोजर न करें। नतीजतन इस बार सिर्फ क्लोज फैमिली और महज चार से पांच क्लोज फ्रेंड्स ही इकट्ठा हो रहे हैं। ऐसा समझिए कि इस बार मात्र 20 से 25 मेहमानों के साथ ही दिलीप साहब के जन्मदिनमनने वालाहै। दिलीप साहब को बिल्कुल स्ट्रेन नहीं करेंगे। हम लोग छतपर अलग बैठेंगे। एक गेट टुगैदर और फैमिली डिनर साथ में करेंगे।
युसुफ साहब कोक्या पसंद है?
चेन वगैरह पहनते ही नहीं है। पहनते तो हैं बस एक घड़ी। अच्छे कपड़ों का शौक है। व्हाइट कपड़े और उसी रंग की चप्पलें पहना करते हैं।source https://www.bhaskar.com

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